नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार रात 8.30 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे। यह संबोधन ऐसे समय में हो रहा है जब एक दिन पहले ही लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा विधेयक पारित नहीं हो सका है।सरकारी सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री का संबोधन महत्वपूर्ण राजनीतिक और संसदीय घटनाक्रमों पर केंद्रित हो सकता है। माना जा रहा है कि वे महिला आरक्षण विधेयक से जुड़े मुद्दों पर भी देश को जानकारी देंगे।
एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री शनिवार रात 8.30 बजे देश को संबोधित करेंगे। हालांकि संबोधन के विषय को लेकर आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
लोकसभा में शुक्रवार को संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पर मतदान हुआ था। इस विधेयक का संबंध महिलाओं के लिए संसद और विधानसभाओं में आरक्षण लागू करने से है। सरकार का प्रस्ताव था कि 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन के बाद इसे लागू किया जाएगा।
प्रस्ताव के अनुसार 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले महिला आरक्षण को प्रभाव में लाने की योजना थी। इसके लिए लोकसभा की सीटों की संख्या को मौजूदा 543 से बढ़ाकर 816 तक करने की बात कही गई थी। इसके साथ ही राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने का प्रस्ताव शामिल था।
यह विधेयक संसद में पारित होने के लिए दो तिहाई बहुमत की मांग करता था। लेकिन सरकार को आवश्यक समर्थन नहीं मिल सका। लोकसभा में मतदान के दौरान 298 सांसदों ने विधेयक के पक्ष में वोट दिया, जबकि 230 सांसदों ने इसके खिलाफ मतदान किया।
कुल 528 सांसदों ने मतदान में हिस्सा लिया। लेकिन विधेयक को पारित होने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी, जो पूरी नहीं हो सकी।इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। विपक्षी दलों ने सरकार के प्रस्ताव पर सवाल उठाए हैं, जबकि सत्तापक्ष का कहना है कि महिला सशक्तिकरण के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम था।
प्रधानमंत्री के संबोधन को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि वे संसद में हुई बहस और मतदान के परिणाम पर भी अपनी बात रख सकते हैं।महिला आरक्षण का मुद्दा लंबे समय से देश की राजनीति में चर्चा में रहा है। इस पर कई बार सहमति और असहमति दोनों सामने आई हैं।
अब सभी की नजरें प्रधानमंत्री के रात 8.30 बजे के संबोधन पर टिकी हैं, जिसमें वे देश को आगे की दिशा और सरकार की स्थिति से अवगत करा सकते हैं।