Preventive healthcare is the 'model of the future', it is important for national economy and security: Rajnath
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को निवारक स्वास्थ्य सेवा को स्वास्थ्य व्यवस्था का ‘‘भविष्य का मॉडल’’ बताया और कहा कि रोग के बदलते स्वरूप, इलाज खर्च के बढ़ने और भारत की बढ़ती बुजुर्ग आबादी को देखते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र का ध्यान समय रहते बीमारी की पहचान और उसकी रोकथाम पर केंद्रित करना होगा।
नोएडा में ‘महाजन इमेजिंग एंड लैब्स’ की एक इकाई के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, कैंसर, गुर्दे की विफलता और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं जैसी गैर-संचारी बीमारियां तेजी से बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियां बन रही हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ये बीमारियां एक दिन में विकसित नहीं होतीं। ये वर्षों के दौरान धीरे-धीरे शरीर में बढ़ती हैं। बढ़ा हुआ रक्त शर्करा स्तर, उच्च कोलेस्ट्रॉल, फैटी लिवर और सीमा के करीब रक्तचाप जैसे संकेत खतरे की घंटी हैं। स्वास्थ्य सेवा का भविष्य इन संकेतों की समय रहते पहचान में है।’’
रक्षा मंत्री ने कहा कि निवारक स्वास्थ्य सेवा आर्थिक रूप से भी लाभदायक है, क्योंकि गंभीर अवस्था में पहुंच चुकी बीमारियों के इलाज में लाखों रुपये खर्च हो सकते हैं, जबकि वार्षिक स्वास्थ्य जांच, जीवनशैली संबंधी सलाह, शुरुआती जांच और सामान्य दवाओं पर कुछ सौ या हजारों रुपये ही खर्च होते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘जैसे-जैसे स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ेगा, सरकार, बीमा कंपनियां और नियोक्ता सभी चाहेंगे कि बीमारियों को शुरुआती चरण में ही रोका जाए।’’
सिंह ने निवारक स्वास्थ्य मॉडल अपनाने की एक वजह जनसांख्यिकी बदलाव को भी बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत की आबादी में युवाओं की संख्या अधिक है, लेकिन 2050 तक देश की बड़ी आबादी बुजुर्गों की होगी।