नई दिल्ली
दिल्ली सरकार में मंत्री Kapil Mishra ने उद्योग जगत से ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर बड़ा सहयोग मांगा है। उन्होंने उद्योगपतियों और कॉरपोरेट संस्थानों से अपील की कि वे कार पूलिंग और वर्क फ्रॉम होम जैसी व्यवस्थाओं को बढ़ावा दें ताकि ईंधन की बचत हो और प्रदूषण कम किया जा सके।
मंगलवार को नई दिल्ली के ताजमहल होटल में आयोजित Confederation of Indian Industry दिल्ली स्टेट काउंसिल की बैठक में कपिल मिश्रा ने यह बात कही। बैठक में पर्यटन, कौशल विकास, इवेंट इंडस्ट्री और औद्योगिक नीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
कपिल मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi लगातार ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा पर जोर देते रहे हैं। ऐसे में सभी संस्थानों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो वहां कर्मचारियों को सप्ताह में दो या तीन दिन घर से काम करने की सुविधा दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा, “हम सभी कोशिश कर रहे हैं कि मेट्रो, बसों या साझा वाहनों का इस्तेमाल करें। संस्थानों को भी कार पूलिंग को बढ़ावा देना चाहिए। ईंधन बचाइए, इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाइए और अनावश्यक बिजली खर्च से बचिए।”
बैठक के दौरान मंत्री ने दिल्ली को देश और दुनिया के बड़े पर्यटन और इवेंट हब के रूप में विकसित करने की योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार आने वाले समय में बड़े साहित्य और संगीत महोत्सव आयोजित करने की तैयारी कर रही है। नवंबर, दिसंबर और फरवरी के दौरान इन आयोजनों के जरिए देश विदेश से पर्यटकों को आकर्षित करने की योजना बनाई जा रही है।
कपिल मिश्रा ने पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले केवल विज्ञापनों पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए लेकिन जमीन पर आयोजन नहीं हुए। उन्होंने कहा कि एक आरटीआई से खुलासा हुआ था कि शॉपिंग फेस्टिवल के नाम पर 80 करोड़ रुपये के विज्ञापन जारी किए गए, जबकि वास्तविक आयोजन एक दिन भी नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार पारदर्शी तरीके से काम करेगी। अगर उद्योग जगत, मॉल और बाजार एक साथ आगे आते हैं तो सरकार उनके साथ मिलकर ऐसा शॉपिंग फेस्टिवल आयोजित करेगी जो दिल्ली की स्थायी पहचान बन सके।
मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार “वायबिलिटी गैप फंडिंग” नीति पर काम कर रही है। इसके तहत बड़े आयोजनों को केवल प्रशासनिक अनुमति ही नहीं बल्कि जरूरत पड़ने पर वित्तीय सहायता भी दी जाएगी।
रोजगार और कौशल विकास के मुद्दे पर कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली में बड़ी संख्या में युवा पढ़े लिखे हैं लेकिन उनके पास उद्योगों की जरूरत के मुताबिक कौशल नहीं है। दूसरी तरफ कई उद्योगों को प्रशिक्षित कर्मचारी नहीं मिल पा रहे हैं।
उन्होंने उद्योग प्रतिनिधियों से कहा कि अगर वे स्किल डेवलपमेंट सेंटर चलाने के लिए तैयार हैं तो सरकार जमीन उपलब्ध कराने के लिए भी तैयार है।
कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली तेजी से बदलने जा रही है। आने वाले वर्षों में नई आधारभूत संरचनाएं तैयार होंगी, नए अवसर पैदा होंगे और राजधानी दुनिया के बड़े वैश्विक शहरों में अपनी मजबूत पहचान बनाएगी।