Politics over drinking water intensifies in Indore, mayor challenges Congress' claim by drinking tap water
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में नगर निगम की ओर से पाइपलाइन के जरिये घर-घर पहुंचाए जा रहे अधिकांश पेयजल के ‘दूषित’ होने के कांग्रेस के दावे को गलत बताते हुए महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सोमवार को एक मकान का दौरा कर वहां नल का पानी पिया।
भार्गव ने कांग्रेस पर साजिशन झूठ फैलाने का आरोप भी लगाया।
कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 29 मई को दावा किया था कि पार्टी की ओर से शहर के 85 वार्ड में से 29 से लिए गए पेयजल के 240 नमूनों में से करीब 98 फीसदी जांच में दूषित पाए गए हैं।
पटवारी ने कहा था कि जांच के दौरान पानी में ई-कोलाई और कोलीफॉर्म जैसे जीवाणुओं की मौजूदगी मिली, वहीं कैल्शियम कार्बोनेट, क्लोराइड और सल्फेट समूह के रासायनिक पदार्थ निर्धारित सीमा से कई गुना अधिक मात्रा में पाए गए।
महापौर भार्गव शहर के सुदामा नगर क्षेत्र पहुंचे और स्थानीय लोगों के बीच सार्वजनिक रूप से नल का पानी पीकर कांग्रेस के दावे को चुनौती दी।
भार्गव ने कहा, “पटवारी का झूठ जनता के सामने आ चुका है। जिस सुदामा नगर क्षेत्र के पानी को वह जहरीला बता रहे थे, उस पानी को मैंने लोगों के बीच सार्वजनिक रूप से पिया है।”
उन्होंने पेयजल की गुणवत्ता से जुड़ी कांग्रेस की जांच रिपोर्ट पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि प्रमुख विपक्षी दल शहर की छवि खराब करने की साजिश के तहत झूठ फैला रहा है।