अवैध हिरासत से रिहा हुए व्यक्ति को सीधे तौर पर दोबारा गिरफ्तार नहीं कर सकती पुलिस: अदालत

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 29-09-2026
Police cannot directly re-arrest a person released from illegal custody: Court
Police cannot directly re-arrest a person released from illegal custody: Court

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि किसी आरोपी को अवैध हिरासत से रिहा किए जाने के बाद सीधे तौर पर दोबारा गिरफ्तार नहीं किया जा सकता और दूसरी बार गिरफ्तारी से पहले जांच एजेंसी को संबंधित अदालत तथा अपने उच्च प्राधिकारी से अनुमति लेनी होगी।
 
न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति अरुण भारद्वाज की पीठ ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) मामले के आरोपी को तुरंत रिहा करने का निर्देश देते हुए यह आदेश दिया। अदालत ने पाया कि तय प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने के कारण आरोपी की दोबारा गिरफ्तारी अवैध थी।
 
याचिकाकर्ता आरोपी को पुलिस ने पहली बार 20 जुलाई को हिरासत में लिया था। हालांकि, मजिस्ट्रेट अदालत ने उसे रिहा करने का आदेश दिया। इसके बाद आरोपी को 21 अगस्त को फिर से गिरफ्तार किया गया और सत्र अदालत ने उसकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज करते हुए उसे दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
 
याचिकाकर्ता के वकील ने उच्च न्यायालय में उसकी दोबारा गिरफ्तारी को चुनौती दी और कहा कि यह अवैध है, तय प्रक्रिया का उल्लंघन है तथा भारत के संविधान के अनुच्छेद 22 (कुछ मामलों में गिरफ्तारी और हिरासत से संरक्षण) के तहत मिले मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।