Hookahs cannot be offered even in designated smoking areas in Uttar Pradesh: Court
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने मंगलवार को फैसला दिया कि उत्तर प्रदेश में होटल, रेस्तरां, कैफे और अन्य सार्वजनिक जगहों पर निर्धारित धूम्रपान क्षेत्र में भी ग्राहकों को हुक्का की पेशकश नहीं की जा सकती।
पीठ ने कहा कि यह गतिविधि सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 (कोटपा) और सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध नियम, 2008 के तहत प्रतिबंधित है।
न्यायमूर्ति शेखर बी सराफ और न्यायमूर्ति एके चौधरी की पीठ ने हुक्का बार संचालन से जुड़ी मुख्य याचिका समेत सभी संबद्ध याचिकाओं को खारिज कर दिया।
याचिकाकर्ताओं ने वैध खाद्य प्रतिष्ठान लाइसेंस वाले रेस्तरां को निर्धारित धूम्रपान क्षेत्र में हुक्का की पेशकश करने की अनुमति देने और अपने कारोबार में पुलिस का हस्तक्षेप रोकने का अनुरोध किया था।
अदालत ने कहा कि निर्धारित धूम्रपान क्षेत्र सार्वजनिक जगहों पर धूम्रपान के निषेध का केवल एक सीमित अपवाद है और वहां किसी भी सेवा की अनुमति नहीं है।