मेलबर्न (ऑस्ट्रेलिया)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ युवा खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेल संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्रिकेट, कबड्डी और ऑस्ट्रेलियन रूल्स फुटबॉल खेलते बच्चों को देखना इस बात का प्रतीक है कि खेल दोनों देशों को जोड़ने का सशक्त माध्यम है।
एमसीजी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की तैयारी कर रहा है और 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भी प्रयासरत है। उन्होंने चेन्नई के एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम में दिसंबर 2026 में बिग बैश लीग के 2026-27 सत्र के उद्घाटन मैच के आयोजन का स्वागत करते हुए कहा कि भारत में किसी भी खेल आयोजन को विशाल दर्शक वर्ग और व्यापक पहुंच प्राप्त होती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एमसीजी भारतीयों के लिए विशेष भावनाओं से जुड़ा है, क्योंकि यह भारत-ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट प्रतिद्वंद्विता और दोनों देशों की साझा खेल संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट ने उनके और प्रधानमंत्री अल्बनीज के बीच मित्रता को भी और प्रगाढ़ बनाया है।
प्रधानमंत्री अल्बनीज ने एमसीजी में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते हुए भारत-ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट प्रतिस्पर्धा की ऐतिहासिक विरासत और हाल के वर्षों में रिकॉर्ड दर्शक उपस्थिति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आने वाला दशक दोनों देशों के लिए खेल सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का अवसर प्रदान करता है।
इस अवसर पर दोनों नेताओं ने एमसीजी के शेन वॉर्न स्टैंड का दौरा किया और भारत-ऑस्ट्रेलिया खेल सहयोग रोडमैप का अनावरण किया। यह रोडमैप खेल प्रशिक्षण, खेल विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, क्षमता निर्माण तथा निवेश के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देगा। प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल क्रिकेट से आगे बढ़कर दोनों देशों की साझेदारी को मैदान के भीतर और बाहर नई मजबूती प्रदान करेगी।