लेह।
लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने मंगलवार को वर्ष 2022 से 2025 के लिए 36 लोगों को ‘यूटी स्टेट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया। इन पुरस्कारों के जरिए लद्दाख के सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक, आर्थिक और खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों के कार्यों को मान्यता दी गई।
लद्दाख प्रशासन की ओर से स्थापित यूटी स्टेट अवॉर्ड का उद्देश्य ऐसे लोगों को सम्मानित करना है, जिन्होंने अपनी असाधारण उपलब्धियों, साहस, समर्पण, रचनात्मकता और सेवा भावना से समाज पर स्थायी प्रभाव डाला है और केंद्र शासित प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
इन पुरस्कारों के दायरे में कई अलग-अलग क्षेत्र शामिल हैं। इनमें बहादुरी, साहित्य, कला एवं शिल्प, सामाजिक सुधार, महिला एवं समाज सशक्तीकरण, पर्यावरण संरक्षण, जनसेवा, खेल, उद्यमिता, प्रगतिशील खेती तथा शिक्षण और अकादमिक क्षेत्र शामिल हैं।
पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने कहा कि यूटी स्टेट अवॉर्ड केवल किसी व्यक्ति की उपलब्धियों को सम्मानित करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए समाज में उत्कृष्टता, सेवा और समर्पण की संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पुरस्कारों का वास्तविक उद्देश्य तब पूरा होगा, जब सम्मान पाने वाले लोगों की जीवन यात्रा और उपलब्धियां विशेष रूप से युवाओं को बड़े सपने देखने, कठिन मेहनत करने और समाज के लिए सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित करेंगी।
उपराज्यपाल ने सभी 36 पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं हैं। उनके योगदान ने लद्दाख के सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक, आर्थिक और खेल क्षेत्र की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि सम्मानित लोगों की यात्राओं में कई महत्वपूर्ण मूल्यों की झलक मिलती है। इनमें विपरीत परिस्थितियों में साहस, दूसरों के प्रति संवेदनशीलता, स्थानीय विरासत के प्रति सम्मान, समुदाय के लिए प्रतिबद्धता, सेवा में विनम्रता और उत्कृष्टता हासिल करने का दृढ़ संकल्प शामिल है।
सक्सेना ने कहा कि समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को पहचान मिलने से उसका व्यापक सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ऐसे लोग दूसरों के लिए उदाहरण बनते हैं और समाज के अधिक लोगों को बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करते हैं।
उपराज्यपाल ने लद्दाख के युवाओं से पुरस्कार विजेताओं की जीवन यात्रा से सीख लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने भीतर आत्मविश्वास विकसित करना चाहिए और महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि व्यक्तिगत उपलब्धियों के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता बनाए रखना जरूरी है। उनके मुताबिक, लद्दाख के विकास में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और उन्हें अपनी प्रतिभा तथा ऊर्जा को प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास में लगाना चाहिए।
यूटी स्टेट अवॉर्ड के माध्यम से लद्दाख प्रशासन ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 36 लोगों के योगदान को सार्वजनिक रूप से सम्मान दिया। प्रशासन का मानना है कि ऐसे सम्मान समाज में साहस, सेवा, रचनात्मकता, समर्पण और उत्कृष्टता जैसे मूल्यों को मजबूत करने में मदद करते हैं। साथ ही, इन पुरस्कारों से लद्दाख की नई पीढ़ी को अपने क्षेत्र में बेहतर काम करने और प्रदेश की प्रगति में योगदान देने की प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।