आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शनिवार को ‘पश्चिमबंग दिवस’ पर पश्चिम बंगाल के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन देश के इतिहास के उस निर्णायक क्षण का प्रतीक है, जब यह सुनिश्चित हुआ कि बंगाल का एक हिस्सा भारतीय संघ में बना रहे।
शर्मा ने कहा कि पश्चिम बंगाल हिंदू राष्ट्रवादियों के प्रयासों के कारण देश का हिस्सा बना और विभाजन के दौरान ‘‘बेघर हुए हिंदुओं’’ के लिए शरणस्थली बना।
शर्मा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पश्चिमबंग दिवस पर पश्चिम बंगाल की मेरी बहनों और भाइयों को शुभकामनाएं। यह दिन भारत के इतिहास के उस निर्णायक क्षण का प्रतीक है जिसे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अनगिनत अन्य हिंदू राष्ट्रवादियों के प्रयासों ने आकार दिया। उन्होंने सुनिश्चित किया कि बंगाल का एक हिस्सा भारतीय संघ में बना रहे और विभाजन के दौरान बेघर हुए हिंदुओं के लिए शरणस्थली बने।’’
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नयी सरकार ने 20 जून को ‘पश्चिमबंग दिवस’ अथवा पश्चिम बंगाल दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया है। बंगाल विधानसभा ने 1947 में इसी दिन एक अलग प्रांत के गठन के पक्ष में मतदान किया था जो विभाजन के बाद अंततः पश्चिम बंगाल बना।
शर्मा ने कहा कि दशकों तक ‘‘वामपंथी तंत्र ने अपने वोट बैंक को ध्यान में रखते हुए इतिहास के इस अध्याय के महत्व की जानबूझकर अनदेखी की।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘बंगाल के लोग अपने इतिहास के इस महत्वपूर्ण हिस्से को आज उचित रूप से स्वीकार कर सकते हैं और इस पर गर्व कर सकते हैं। मां दुर्गा राज्य को शांति, समृद्धि और फिर से गौरवशाली बनने का आशीर्वाद दें।’’