Parliamentary committee expresses concern over lack of additional battalions for NDRF
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
संसद की एक स्थायी समिति ने इस बात पर चिंता जाहिर की है कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की परिचालन जिम्मेदारियां बढ़ने के बावजूद पिछले तीन वर्षों में इसके लिए कोई अतिरिक्त बटालियन नहीं खड़ी की गई।
संसद के दोनों सदनों में प्रस्तुत रिपोर्ट में, गृह मंत्रालय की स्थायी संसदीय समिति ने आपदा प्रतिक्रिया में एनडीआरएफ की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की और अतिरिक्त कर्मियों के लिए आवश्यक वित्तपोषण सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया।
भाजपा सांसद राधा मोहन दास अग्रवाल की अध्यक्षता वाली समिति ने बल की विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में आपदा प्रबंधन में निभाई गई भूमिका और अंतरराष्ट्रीय मानवीय सहायता अभियानों में इसके योगदान की भी प्रशंसा की।
समिति ने 2026-27 की अनुदान मांगों पर अपनी 257वीं रिपोर्ट में कहा ‘‘ बढ़ती परिचालन जिम्मेदारियों के बावजूद पिछले तीन वर्षों में एनडीआरएफ के लिए कोई अतिरिक्त बटालियन नहीं खड़ी की गई है और तैनात बल (14,837) स्वीकृत बल (18,581) से काफी कम है ।’’
समिति ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से कहा कि वह मानव संसाधन में अंतर का मूल्यांकन करे और रिक्तियों को भरने के उपाय तेज करे ताकि परिचालन तत्परता सुनिश्चित की जा सके।
रिपोर्ट में समिति ने कहा कि नियुक्ति की शर्तों में संशोधन किया जा सकता है ताकि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के अधिक कर्मी एनडीआरएफ में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित हों।