Government includes ingots and wafers in ALMM framework to strengthen domestic solar manufacturing
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
सरकार ने घरेलू सौर विनिर्माण परिवेश को मजबूत करने और इसके घरेलू उपयोग को बढ़ावा देने के लिए अनुमोदित मॉडलों एवं विनिर्माताओं की सूची (एएलएमएम) में इन्गोट तथा वेफर को शामिल किया है।
अब तक नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) की एएलएमएम सूची में केवल मॉड्यूल और सेल शामिल थे।
सोलर पैनल मॉड्यूल से बने होते हैं, जिनमें सेल होते हैं। सेल विनिर्माण इन्गोट पर निर्भर करता है और इन्गोट के लिए वेफर की आवश्यकता होती है।
एमएनआरई ने कहा कि इन्गोट और वेफर के लिए एएलएमएम सूची-III लागू करने का आदेश एक जून 2028 से प्रभावी होगा।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया, ‘‘ इस तिथि के बाद धारा-63 मार्ग के तहत प्रस्तुत बोली में एएलएमएम सूची-III के अनुरूप वेफर के उपयोग को अनिवार्य रूप से निर्दिष्ट करना होगा।’’
मंत्रालय ने हालांकि कहा, ‘‘ पहले से ही प्रक्रियाधीन परियोजनाओं की सुरक्षा के लिए उपयुक्त प्रावधान किए गए हैं।’’
एमएनआरई के इस आदेश के तहत एएलएमएम सूची (जो पहले मॉड्यूल व सेल के लिए लागू थी) से अनिवार्य सोर्सिंग आवश्यकताओं का विस्तार करते हुए अब इन्गोट तथा वेफर को भी शामिल किया गया है, जो वर्तमान में बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर हैं।
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि एएलएमएम ढांचे के विस्तार के साथ भारत ने मजबूत एवं आत्मनिर्भर सौर विनिर्माण परिवेश बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम उठाया है।