आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
'कॉकरोच जनता पार्टी' (कॉजपा) के सोमवार को संसद मार्च में शामिल प्रदर्शनकारी भारी पुलिस बैरिकेडिंग, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे जाने के बावजूद वहां डटे रहे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए।
इस मार्च में दिल्ली भर से छात्र और आम लोग शामिल हुए। इसे संसद मार्ग के पास रोक दिया गया, जहां पुलिस ने कई स्तर पर बैरिकेड लगाए थे।
कई प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्हें प्रतिरोध का अंदाज़ा था, लेकिन वे अपना प्रदर्शन जारी रखने के लिए पक्के इरादे के साथ आए थे।
मार्च में शामिल दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा ग्लोरी ने कहा, "उन्होंने हमें कई बार रोकने की कोशिश की। पूरे रास्ते में बड़े स्तर पर बैरिकेड लगाए गए थे। हमें लाठीचार्ज और आंसू गैस का भी सामना करना पड़ा, लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे।"
कई छात्रों ने आंदोलन को लेकर सरकार की प्रतिक्रिया पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि हफ्तों के प्रदर्शन के बावजूद उनकी मांगों को अनसुना कर दिया गया।
एक प्रदर्शनकारी छात्र ने कहा, "जो देश अपने छात्रों की परवाह नहीं करता, उसका पतन निश्चित है।"