खीर भवानी मेले के लिए जम्मू से 9,000 से अधिक श्रद्धालु रवाना

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 20-06-2026
Over 9,000 pilgrims leave Jammu for Kheer Bhawani fair
Over 9,000 pilgrims leave Jammu for Kheer Bhawani fair

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
जम्मू से शनिवार को 9,000 से अधिक श्रद्धालु कश्मीर स्थित प्रसिद्ध खीर भवानी मंदिर के लिए रवाना हुए। इन श्रद्धालुओं में अधिकतर कश्मीरी पंडित हैं।
 
अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की भागीदारी काफी अधिक है।
 
उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडित समुदाय के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों में से एक खीर भवानी मेले में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
 
उन्होंने बताया कि श्रद्धालु कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जम्मू कश्मीर सड़क परिवहन निगम की 200 बसों में घाटी के लिए रवाना हुए।
 
नगरोटा से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विधायक देवयानी राणा, राहत आयुक्त (प्रवासी) अरविंद करवानी और जम्मू-कठुआ-सांबा रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक श्रीधर पाटिल ने श्रद्धालुओं के काफिले को मिलकर हरी झंडी दिखाई।
 
खीर भवानी मेला 22 जून को गांदरबल के तुलमुल्ला, कुलगाम जिले के मंजगाम और देवसर, दक्षिण कश्मीर में अनंतनाग जिले के लोगरीपोरा तथा उत्तरी कश्मीर में कुपवाड़ा जिले के टिक्कर स्थित रागन्या भगवती के पांच मंदिरों में आयोजित किया जाएगा। विशाल चिनार के पेड़ों से घिरे तुलमुल्ला मंदिर में सबसे अधिक श्रद्धालु जुटते हैं। दुनियाभर से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं।
 
श्रद्धालु सोमवार को मंदिरों में दर्शन करने के बाद अगले दिन जम्मू लौटेंगे।
 
नगरोटा की विधायक राणा ने काफिले को हरी झंडी दिखाने के बाद ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘लगातार दूसरे वर्ष श्रद्धालुओं के काफिले को रवाना करके मैं बहुत प्रसन्न और सम्मानित महसूस कर रही हूं। इस वर्ष यात्रा को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और पवित्र खीर भवानी मंदिर से उनके गहरे आध्यात्मिक जुड़ाव को दर्शाती है।’’
 
उन्होंने कहा, ‘‘मैं सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित, शांतिपूर्ण और आध्यात्मिक रूप से सुखद यात्रा की कामना करती हूं। देवी रागन्या उन्हें अच्छे स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि दें तथा उनकी प्रार्थनाओं से जम्मू कश्मीर में शांति और सद्भाव कायम हो।’’
 
पुलिस उपमहानिरीक्षक पाटिल और करवानी ने कहा कि यात्रा को सुगम और परेशानी मुक्त बनाने के लिए सुरक्षा, परिवहन, आवास और चिकित्सा की उचित व्यवस्था की गई है।
 
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक है जो वार्षिक यात्रा में भाग लेने को लेकर उनके बढ़ते उत्साह को दर्शाती है।