पुलिस पर्यवेक्षकों के मौखिक आदेशों के आधार पर 500 से अधिक गिरफ्तारी की गईं : तृणमूल

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 22-04-2026
Over 500 arrests were made based on verbal orders from police observers: Trinamool
Over 500 arrests were made based on verbal orders from police observers: Trinamool

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 तृणमूल कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त पुलिस पर्यवेक्षकों के ‘‘मौखिक आदेशों’’ के आधार पर 500 से अधिक गिरफ्तारी की गई हैं। पार्टी ने ऐसे आदेशों को कानूनी प्रावधानों का ‘‘स्पष्ट उल्लंघन’’ बताया।
 
तृणमूल के राज्यसभा सदस्य और पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार और मंत्री शशि पांजा ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल से उनके कार्यालय में मुलाकात की और इन गिरफ्तारियों के संबंध में शिकायत दर्ज कराई।
 
सीईओ से मुलाकात के बाद कुमार ने आयोग द्वारा नियुक्त पुलिस पर्यवेक्षकों पर अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम करने का आरोप लगाया।
 
पूर्व पुलिस महानिदेशक ने कहा कि इन पर्यवेक्षकों द्वारा 500 से अधिक गिरफ्तारी की गई हैं, जबकि उनके पास लोगों को गिरफ्तार करने का आदेश देने का ‘‘कोई अधिकार नहीं’’ है।
 
कुमार ने आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘हम देख रहे हैं कि पर्यवेक्षक भाजपा उम्मीदवारों से निजी तौर पर मिल रहे हैं और पुलिस को गिरफ्तारी के मौखिक आदेश दे रहे हैं। यह कानूनी प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है।’’ उन्होंने कहा कि तृणमूल को इस संबंध में पुख्ता जानकारी मिली है।
 
कानूनी मामलों के अपने अनुभव का हवाला देते हुए सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी ने दावा किया कि ऐसा कृत्य दंड प्रक्रिया संहिता और लागू चुनावी कानूनों के प्रावधानों का उल्लंघन है।
 
संबंधित अधिकारियों को कड़ा संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि ‘‘गैरकानूनी गिरफ्तारी आदेश’’ जारी करने या उन्हें लागू करने में शामिल अधिकारियों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा, ‘‘चुनाव के बाद आप भले अपने राज्य में लौट जाएं, अगर आप संविधान विरोधी तरीके से काम करते हैं तो हम आपको अदालत में घसीटेंगे।’’
 
सीईओ कार्यालय ने आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
 
सूत्रों के अनुसार, मतदाताओं को डराने-धमकाने और मतदान प्रक्रिया में बाधा डालने के आरोपों के खिलाफ अभियान के तहत गैर-जमानती धाराओं में कुल 506 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बुधवार को पुलिस को एहतियाती कार्रवाई और तेज करने का निर्देश दिया है।
 
सीईओ कार्यालय में तैनात पुलिस पर्यवेक्षक ने राज्य के डीजीपी को भेजे गए एक पत्र में कई विधानसभा क्षेत्रों और पुलिस थाना क्षेत्रों में कथित उपद्रवियों की एक सूची साझा की, ताकि उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
 
पत्र में कहा गया कि ये व्यक्ति ‘‘मतदाताओं को डराने-धमकाने और चुनावी प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करने में सक्रिय रूप से शामिल थे।’’ सीईओ के कार्यालय ने अधिकारियों को उचित जांच-पड़ताल के बाद और कानून के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
 
पहले दिए गए निर्देशों के अनुसार, ऐसे व्यक्तियों को मतदान से कम से कम 72 घंटे पहले हिरासत में लिया जाना था।
 
पहले चरण में 23 अप्रैल को मतदान वाले निर्वाचन क्षेत्रों के लिए गिरफ्तारियां 19 अप्रैल की रात तक पूरी करनी थीं, और दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान वाले क्षेत्रों के लिए 25 अप्रैल तक यह प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए थे।