Order to pay compensation of Rs 67.48 lakh to the family of the person killed in the bus accident in Delhi
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
दिल्ली के मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने दिसंबर 2021 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में बस की चपेट में आने से जान गंवाने वाले 33 वर्षीय मोबाइल फोन तकनीशियन के परिवार को 67.48 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
पीठासीन अधिकारी मनीष शर्मा ने शकील अहमद के परिवार की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दुर्घटना में शामिल बस का बीमा करने वाली ‘रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड’ को पीड़ित परिवार को 67,48,200 रुपये की मुआवजा राशि नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ देने का निर्देश दिया।
छह जुलाई के आदेश में कहा गया है, ‘‘यह अधिकरण इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि प्रतिवादी संख्या एक ने घटना के समय संबंधित वाहन को तेज गति और लापरवाही से चलाया, जिसके कारण युवक की जान गई।’’
एमएसीटी के अनुसार, 16 दिसंबर 2021 को सीलमपुर की लाल बत्ती के पास एक बस ने शकील अहमद के स्कूटर को टक्कर मार दी थी, जिससे उनकी मौत हो गई। उनके परिवार में पत्नी, तीन बच्चे और बुजुर्ग माता-पिता हैं, जिन्होंने मुआवजे के लिए याचिका दायर की थी।
बस के चालक और मालिक ने लापरवाही के आरोप से इनकार करते हुए दावा किया कि मृतक गलत दिशा से बस से आगे निकलने की कोशिश कर रहा था और इसी दौरान वह बस से टकरा गया। हालांकि, अधिकरण ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि प्रतिवादी अपने दावे के समर्थन में कोई साक्ष्य पेश करने में विफल रहे।
एमएसीटी ने माना कि दुर्घटना बस चालक द्वारा तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण हुई और बीमा कंपनी को मुआवजा राशि के भुगतान के लिए उत्तरदायी ठहराया।