NSA डोभाल ने ईरानी सुरक्षा अधिकारी से की मुलाकात, ब्रिक्स एनएसए बैठक में पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 23-06-2026
NSA Doval met with an Iranian security official; the situation in West Asia was discussed during the BRICS NSA meeting.
NSA Doval met with an Iranian security official; the situation in West Asia was discussed during the BRICS NSA meeting.

 

नई दिल्ली।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने सोमवार को ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एसएनएससी) के रक्षा मामलों के उप सचिव कदीर निज़ामीपुर से मुलाकात की। यह महत्वपूर्ण बैठक 16वीं ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक के दौरान हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति, द्विपक्षीय संबंधों और ब्रिक्स सहयोग को लेकर विस्तृत चर्चा की।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि 22 जून, 2026 को आयोजित इस बैठक में दोनों पक्षों ने पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते हालात की समीक्षा की। इसके अलावा, भारत और ईरान के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर वैश्विक चिंता बनी हुई है। ऐसे में भारत और ईरान के बीच उच्चस्तरीय संवाद को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक के दौरान अजित डोभाल ने इथियोपिया की राष्ट्रीय खुफिया एवं सुरक्षा सेवा के विश्लेषण विभाग की कार्यकारी निदेशक मिलेना लीमा तादेसे से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और इथियोपिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत 22 और 23 जून, 2026 को 16वीं ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक की मेजबानी कर रहा है। इस बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुख भाग ले रहे हैं।

बैठक का मुख्य विषय "आज की दुनिया के सामने मौजूद गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियां" रखा गया है। इसमें आतंकवाद, साइबर सुरक्षा, उभरती प्रौद्योगिकियों से जुड़े खतरे, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी का सुरक्षित उपयोग और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों जैसे विषयों पर चर्चा की जा रही है।विदेश मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हाल ही में आयोजित आतंकवाद विरोधी ब्रिक्स संयुक्त कार्य समूहों और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी पर कार्य समूहों की प्रगति की भी समीक्षा करेंगे।

गौरतलब है कि भारत वर्ष 2026 में चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। इससे पहले भारत 2012, 2016 और 2021 में भी इस समूह की अध्यक्षता कर चुका है।भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का विषय "लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण" रखा गया है। यह विषय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2025 में रियो शिखर सम्मेलन के दौरान प्रस्तुत मानव कल्याण और साझा विकास की व्यापक दृष्टि को प्रतिबिंबित करता है।

ब्रिक्स वर्तमान में विश्व की 11 प्रमुख उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं का समूह है। इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के अलावा मिस्र, इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।

आज ब्रिक्स केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीतिक और सुरक्षा सहयोग, अर्थव्यवस्था एवं वित्त तथा सांस्कृतिक एवं जन-जन संपर्क जैसे क्षेत्रों में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। संगठन जलवायु परिवर्तन, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक आर्थिक व्यवस्था, आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय व्यापार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहयोग को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहा है।