No negotiations are possible on paying security charges, says court on Abu Salem's parole plea
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
बंबई उच्च न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि अदालत जेल में बंद माफिया सरगना अबू सलेम को उत्तर प्रदेश स्थित उसके पैतृक नगर जाने के लिए पैरोल देने के पक्ष में नहीं है क्योंकि सलेम के वकील ने पुलिस सुरक्षा के भारी-भरकम शुल्क का भुगतान करने में असमर्थता जताई है।
न्यायमूर्ति अजय गडकरी और न्यायमूर्ति श्याम चंदक की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि वह 17 लाख रुपये से अधिक के सुरक्षा शुल्क पर कोई समझौता नहीं कर सकती।
वर्ष 1993 के मुंबई बम धमाकों के मामले में 25 साल की सजा काट रहे सलेम ने अपने भाई अबू हकीम अंसारी की मौत पर शोक व्यक्त करने के लिए आजमगढ़ जिले में अपने पैतृक नगर जाने के लिए पैरोल का अनुरोध किया था।
अदालत ने पहले सुझाव दिया था कि सलेम आवश्यक शुल्क का भुगतान स्वयं करने के बाद पुलिस सुरक्षा के तहत पैरोल का लाभ उठा सकता है।
सलेम की वकील फरहाना शाह ने मंगलवार को अदालत को बताया कि सुरक्षा शुल्क ‘अत्यधिक’ है और उनका मुवक्किल कई वर्षों से जेल में है तथा उसकी आर्थिक स्थिति ‘खराब’ है।
अधिकारियों ने नासिक रोड केंद्रीय जेल में बंद सलेम को गृह नगर जाने के लिए पुलिस सुरक्षा दल के लिए 17 लाख रुपये से अधिक का भुगतान करने को कहा है।