कर्नाटक में नए ‘हेट स्पीच’ कानून की जरूरत नहीं: गृह मंत्रालय

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 26-05-2026
No need for new hate speech law in Karnataka: Home Ministry
No need for new hate speech law in Karnataka: Home Ministry

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
केंद्रीय गृह मंत्रालय का मानना ​​है कि कर्नाटक का ‘‘घृणास्पद भाषण’’ पर अंकुश लगाने संबंधी विधेयक अभी आवश्यक प्रतीत नहीं होता और मौजूदा कानूनी ढांचा इस मुद्दे को हल करने के लिए पर्याप्त है।
 
मंत्रालय ने कर्नाटक सरकार को ‘कर्नाटक घृणास्पद भाषण एवं घृणा अपराध (रोकथाम) विधेयक, 2025’ पर अपने ‘केंद्र-राज्य प्रभाग’ के रुख से अवगत कराया।
 
राज्यपाल थावरचंद गहलोत द्वारा विधेयक को मंजूरी देने से इनकार किए जाने के बाद, कर्नाटक सरकार ने फरवरी में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सहमति के लिए इसे गृह मंत्रालय को भेजा था।
 
भाजपा और जद (एस) के कड़े विरोध के बावजूद, यह विधेयक पिछले साल 19 दिसंबर को बेलगावी में समाप्त हुए शीतकालीन सत्र के दौरान राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों द्वारा पारित किया गया था।
 
गृह मंत्रालय (केंद्र-राज्य प्रभाग) ने 12 मई को अपने पत्र में कहा, ‘‘इस मामले की पड़ताल केंद्र-राज्य प्रभाग में की गई है। इस संबंध में यह कहा जाता है कि जिन मुद्दों के समाधान का प्रयास किया जा रहा है, उनके हल के लिए भारतीय न्याय संहिता, 2023 और अन्य प्रचलित कानूनों में पहले से ही पर्याप्त रूप से प्रावधान शामिल हैं। राज्य स्तर पर अलग से कानून बनाने से कानूनों का दोहराव और एकरूपता की कमी हो सकती है।’’
 
इसमें कहा गया, ‘‘उपरोक्त बातों को ध्यान में रखते हुए, ऐसा महसूस होता है कि इस स्तर पर प्रस्तावित कानून की आवश्यकता प्रतीत नहीं होती, और मौजूदा कानूनी ढांचा चिंताओं को दूर करने के लिए पर्याप्त है।’’
 
केंद्र के पत्र के बाद, कर्नाटक के संसदीय कार्य एवं विधान विभाग ने 20 मई को राज्य के गृह विभाग को उक्त विधेयक पर टिप्पणी या स्पष्टीकरण देने के लिए पत्र लिखा, ताकि वह केंद्रीय गृह मंत्रालय को शीघ्र उत्तर दे सके।