आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के बागी गुट के चौथे विधायक ने मंगलवार को तमिलनाडु विधानसभा से इस्तीफा दे दिया। इससे कुछ ही समय पहले पार्टी प्रमुख एडप्पाडी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व वाले गुट ने विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर से मुलाकात कर 25 मई को इस्तीफा देने वाले तीन अन्नाद्रमुक विधायकों के इस्तीफे को स्वीकार नहीं करने का अनुरोध किया था।
पलानीस्वामी गुट ने विधायकों के इस कदम के पीछे कथित कानूनी और प्रक्रियात्मक खामियों का हवाला दिया और विधानसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया कि वह उन विधायकों का इस्तीफा स्वीकार न करें।
पार्टी का दावा है कि तीनों विधायक इस्तीफा अधिसूचित होने से पहले ही सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) में शामिल हो गए थे।
उक्त अर्जी के साथ पलानीस्वामी गुट द्वारा विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात करने के तुरंत बाद सीवी षणमुगम-एसपी वेलुमणि गुट से एक और बागी विधायक एसाकी सुबाया ने अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उनके भी सत्तारूढ़ टीवीके में शामिल होने की संभावना है।
अन्नाद्रमुक खेमे में जारी घटनाक्रमों के बीच कांग्रेस सांसद एस जोतिमणि ने तमिलनाडु में विधायकों की कथित ‘‘खरीद-फरोख्त’’ पर चिंता व्यक्त की और कहा कि उनकी पार्टी को सत्तारूढ़ टीवीके के इस तरह के कदमों का समर्थन नहीं करना चाहिए क्योंकि राष्ट्रीय पार्टी खुद भी इस तरह के हथकंडों का शिकार रही है।
विधानसभा अध्यक्ष प्रभाकर ने जोर देकर कहा कि वह कानूनी ढांचे और उन्हें मिली शक्तियों के दायरे में रहकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं।
टीवीके नेता और राजस्व मंत्री के.ए. सेंगोत्तैयान ने विधायकों की ‘खरीद-फरोख्त’ के आरोपों का खंडन किया।