आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) के चेयरमैन नितिन गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि एनएफआरए राजेश एक्सपोर्ट्स में राजस्व से जुड़ी गलत जानकारी देने के मामले की जांच कर रहा है, लेकिन जांच पूरी होने की समय-सीमा बताना अभी संभव नहीं है।
गुप्ता ने यहां उद्योग मंडल फिक्की के एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘ हमने अपनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।’’
उन्होंने इस मामले पर कोई भी जानकारी या टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। यह पूछे जाने पर कि जांच कबतक पूरी होगी, इस बारे में भी उन्होंने कुछ नहीं कहा।
गौरतलब है कि पिछले महीने, पूंजी बाजार नियामक सेबी ने एक आदेश जारी किया था जिसमें पाया गया कि राजेश एक्सपोर्ट्स ने लंबे समय तक राजस्व के गलत आंकड़े दिखाए थे और कुल गड़बड़ी 15.5 लाख करोड़ रुपये आंकी गई थी।
बाद की रिपोर्ट के अनुसार, सेबी ने लेखा परीक्षा पेशे को विनियमिति करने वाले एनएफआरए को पत्र लिखकर उस कंपनी के लेखा परीक्षकों की जांच करने को कहा था।
गुप्ता ने मंगलवार को देश में प्रवर्तक संचालित कंपनियों में निदेशक मंडल (बोर्ड) की वास्तविक स्वतंत्रता की वकालत की। उन्होंने कहा कि चूंकि एआई (कृत्रिम मेधा) कॉरपोरेट फैसलों को प्रभावित कर रहा है, इसलिए किसी मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना जरूरी है।