चक्रवाती तबाही के बीच श्रीलंका की मदद में उतरा एनडीआरएफ, भारत बना भरोसेमंद साथी

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 30-11-2025
NDRF comes to Sri Lanka's aid amid cyclone devastation, India becomes a trusted partner
NDRF comes to Sri Lanka's aid amid cyclone devastation, India becomes a trusted partner

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
चक्रवात ‘दित्वाह’ से तबाह हुए श्रीलंका के लिए भारत का राहत अभियान ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ तेज़ी से जारी है। भारत द्वारा भेजी गई एनडीआरएफ टीमों, भारतीय वायुसेना, नौसेना और स्थानीय प्रशासन के बीच करीबी समन्वय के चलते राहत और बचाव कार्य प्रभावी ढंग से आगे बढ़ रहे हैं। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बताया कि एनडीआरएफ के जवान लगातार श्रीलंका में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और आवश्यक सहायता प्रदान करने में जुटे हैं।
 
श्रीलंका एयर फोर्स और भारतीय उच्चायोग ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से एनडीआरएफ के रेस्क्यू अभियानों की तस्वीरें साझा कीं। कई ऐसे दुर्गम इलाकों, जहां बाढ़ के कारण पहुंचना कठिन था, वहाँ भारतीय जवानों ने स्थानीय बलों के साथ मिलकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। भारतीय वायुसेना ने कोलंबो में Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं, जिससे मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) कार्यों की गति बढ़ी है।
 
अब तक भारत 27 टन राहत सामग्री श्रीलंका भेज चुका है। हिंडन एयरबेस से सी-130 और IL-76 परिवहन विमान द्वारा 21 टन सामग्री और 80 से अधिक एनडीआरएफ कर्मियों को कोलंबो एयरलिफ्ट किया गया। इसके अलावा INS विक्रांत और INS उदयगिरि से भी राहत सामग्री सौंपी गई और दो चेतक हेलीकॉप्टरों ने श्रीलंकाई वायुसेना के साथ संयुक्त खोज एवं बचाव अभियान शुरू किए।
 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंका में जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त की और सभी प्रभावित परिवारों के शीघ्र पुनर्वास की कामना की। भारत ने ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति और नव विकसित ‘महासागर’ दृष्टिकोण के तहत श्रीलंका को आश्वस्त किया है कि जरूरत के हर कदम पर वह साथ खड़ा रहेगा। दस वर्ष पहले घोषित ‘सागर’ नीति के बाद ‘महासागर’ सिद्धांत ने हिंद महासागर से आगे बढ़कर वैश्विक समुद्री सहयोग को नई दिशा दी है।