आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने 11वीं और 12वीं कक्षा की राजनीति विज्ञान की पाठ्यपुस्तकों को तैयार करने के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा पुनर्गठित टीम की आलोचना करते हुए कहा है कि इसमें ऐसे सदस्य शामिल हैं जिनका ‘‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े तंत्र’’ से प्रत्यक्ष या परोक्ष संबंध है।
एनएसयूआई ने टीम की संरचना को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि आरएसएस और उसकी छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े लोगों को इसमें शामिल किए जाने से स्कूली पाठ्यपुस्तकों को तैयार करने में अकादमिक निष्पक्षता और वैचारिक विविधता को लेकर सवाल उठते हैं।
एनसीईआरटी द्वारा पुनर्गठित इस टीम को इस साल नवंबर तक 11वीं कक्षा और अगले साल जुलाई तक 12वीं कक्षा की पाठ्यपुस्तक तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया है।
पाठ्यपुस्तक तैयार करने वाली टीम का नेतृत्व जाने-माने शिक्षाविद एवं राजनीतिक विश्लेषक संदीप शास्त्री करेंगे जो कर्नाटक स्थित डीम्ड विश्वविद्यालय निट्टे के उपाध्यक्ष हैं।
टीम में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू), दिल्ली विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) जैसे संस्थानों के शिक्षाविद् और शिक्षा विशेषज्ञ शामिल हैं।
टीम में कम से कम चार ऐसे शिक्षाविद एवं विद्वान (यदुनाथ देशपांडे, प्रशांत दिवेकर, वंदना मिश्रा और रवि रमेशचंद्र शुक्ला) शामिल हैं, जो एबीवीपी और आरएसएस से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े रहे हैं।