संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। यह सत्र 13 अगस्त तक चलेगा और इसके दौरान केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करेगी। वहीं विपक्ष भी विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। पहले ही दिन लोकसभा और राज्यसभा में कई अहम विधायी कार्य, शोक प्रस्ताव, प्रश्नकाल और विभिन्न मंत्रालयों के वक्तव्य निर्धारित किए गए हैं।
लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट जजों की संख्या बढ़ाने वाला विधेयक
लोकसभा की कार्यसूची के अनुसार, केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल'सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026' पेश करेंगे। इस विधेयक का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) अधिनियम, 1956 में संशोधन कर सर्वोच्च न्यायालय में स्वीकृत न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करना है।
सरकार इससे पहले इस संबंध में अध्यादेश जारी कर चुकी है। अब उसी अध्यादेश को विधेयक के रूप में संसद की मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। सरकार का तर्क है कि बढ़ते मामलों के बोझ और लंबित मुकदमों के शीघ्र निपटारे के लिए न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाना आवश्यक है।
संयुक्त समिति पर भी होगा प्रस्ताव
लोकसभा में भाजपा सांसद ईटाला राजेंद्र और अजय भट्ट संयुक्त समिति (ऑफिस ऑफ प्रॉफिट) से संबंधित प्रस्ताव भी पेश करेंगे। इसमें राज्यसभा से दो नए सदस्यों के निर्वाचन की सिफारिश की जाएगी। यह रिक्तियां राज्यसभा सदस्य एन.आर. एलंगो और दीपक प्रकाश के सेवानिवृत्त होने के बाद उत्पन्न हुई हैं।
शोक प्रस्ताव और प्रश्नकाल
सदन की कार्यवाही की शुरुआत पूर्व सांसदों नादेन्दला भास्कर राव, ओमवती देवी, सुधांग्शु सील, मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी (सेवानिवृत्त), के.पी. धनपालन, प्यारे लाल सांखवार तथा कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर शोक प्रस्ताव से होगी।
इसके बाद प्रश्नकाल आयोजित किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह सदन के पटल पर विभिन्न मंत्रालयों से संबंधित दस्तावेज रखेंगे।
केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय से जुड़े सार्वजनिक उपक्रमों के मुकदमों पर संसदीय स्थायी समिति की सिफारिशों के क्रियान्वयन की स्थिति पर वक्तव्य देंगे। दिन के अंत में लोकसभा में नियम 377 के तहत सदस्यों द्वारा विभिन्न जनहित के मुद्दे भी उठाए जाएंगे।
राज्यसभा में 'वंदे मातरम्' से जुड़े कानून में संशोधन
राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह'राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971' में संशोधन संबंधी विधेयक पेश करेंगे। प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के अपमान या उसके गायन में जानबूझकर बाधा डालने को दंडनीय अपराध बनाने का प्रावधान किया गया है।
यह विधेयक मानसून सत्र के पहले ही दिन उच्च सदन में पेश किया जाएगा।
राज्यसभा में अन्य प्रस्ताव भी
राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री संजय सेठ राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की केंद्रीय सलाहकार समिति के लिए एक सदस्य के चुनाव का प्रस्ताव पेश करेंगे।इसके अलावा केंद्रीय राज्य मंत्री एल. मुरुगन संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 तथा केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 से संबंधित संयुक्त समिति में राज्यसभा के दो नए सदस्यों की नियुक्ति का प्रस्ताव रखेंगे। प्रस्ताव के अनुसार डॉ. भीम सिंह और सागरिका घोष को समिति में शामिल किया जाएगा। यह रिक्तियां साकेत गोखले और भुवनेश्वर कलिता के सेवानिवृत्त होने के बाद बनी हैं।
राज्यसभा में सर्वोच्च न्यायालय (जजों की संख्या) संशोधन अध्यादेश, 2026 तथा आयकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 सहित कई दस्तावेज भी सदन के पटल पर रखे जाएंगे।
सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष
मानसून सत्र के दौरान विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने नीट-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले पर चर्चा कराने के लिए राज्यसभा में नियम 267 के तहत कार्यस्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है।
वहीं कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है।
13 अगस्त तक चलेगा सत्र
मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान सरकार और विपक्ष के बीच कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय, राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर तीखी बहस होने की संभावना है।
यह सत्र एक और कारण से खास रहेगा क्योंकि नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) पहली बार संसद में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगी। यह नया दल तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 20 बागी सांसदों के विलय के बाद बना है और उसने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का समर्थन किया है।
सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद परिसर स्थित हंस द्वार पर मीडिया को संबोधित कर सरकार की प्राथमिकताओं और मानसून सत्र के एजेंडे पर अपनी बात रख सकते हैं।