फीफा वर्ल्ड कप 2026 के चैंपियन स्पेन के लामिन यमाल ने रब का किया शुक्रिया, झूम उठा मोरक्को, आखिर क्यों ?

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 20-07-2026
Spain's Lamine Yamal—a 2026 FIFA World Cup champion—thanked God, and Moroccans rejoiced; but why?
Spain's Lamine Yamal—a 2026 FIFA World Cup champion—thanked God, and Moroccans rejoiced; but why?

 

मलिक असगर हाशमी 

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में स्पेन ने अर्जेंटीना को हराकर इतिहास रच दिया। इस खिताबी जीत के बाद मैदान पर एक ऐसा भावुक पल देखने को मिला जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा। स्पेन की जीत का ऐलान होते ही टीम के 19 वर्षीय स्टार खिलाड़ी लामिन यमाल मैदान पर घुटनों के बल बैठ गए। उन्होंने आसमान की तरफ हाथ उठाकर ईश्वर का शुक्रिया अदा किया। यमाल के इस अंदाज को देखकर पूरा मोरक्को देश जश्न में डूब गया।

सोशल मीडिया पर खासकर एक्स प्लेटफॉर्म पर मोरक्को के लोगों ने यमाल को बधाई संदेशों से पाट दिया। स्पेन की इस ऐतिहासिक जीत पर मोरक्को में जश्न मनाए जाने की वजह बेहद खास है। स्पेन के लिए खेलने वाले लामिन यमाल मूल रूप से मोरक्को से ताल्लुक रखते हैं और एक मुस्लिम खिलाड़ी हैं।

ff

जानिए कौन हैं 19 साल के स्टार फुटबॉलर लामिन यमाल

लामिन यमाल का पूरा नाम लामिन यमाल नसराउई एबाना है। उनका जन्म 13 जुलाई 2007 को स्पेन के बार्सिलोना शहर के एस्प्लगस डी लोब्रेगेट में हुआ था। यमाल को वर्तमान समय में दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली और सर्वश्रेष्ठ विंगर में से एक माना जाता है।

मैदान पर उनकी ड्रिबलिंग और बेहतरीन प्लेमेकिंग क्षमता के सभी कायल हैं। लामिन यमाल एक मुस्लिम खिलाड़ी हैं। वे खेल और ट्रेनिंग के व्यस्त शेड्यूल के बीच भी पूरी शिद्दत से पवित्र रमजान के महीने में रोजे रखते हैं। यमाल स्वभाव से बेहद विनम्र हैं। वे फुटबॉल की दुनिया के नए लीजेंड बनकर उभरे हैं। वे कैटलन, स्पेनिश और अंग्रेजी भाषा बहुत अच्छी तरह बोलते हैं।

मोरक्को से स्पेन तक का संघर्ष और दादी का योगदान

लामिन यमाल के माता-पिता की कहानी दो अलग-अलग देशों से जुड़ी है। उनके पिता मुनीर नसराउई मोरक्को के रहने वाले हैं जो पेशे से एक भवन पेंटर थे। उनकी मां शीला एबाना इक्वेटोरियल गिनी की रहने वाली हैं और वे एक वेट्रेस के रूप में काम करती थीं। जब यमाल महज तीन साल के थे तब उनके माता-पिता का तलाक हो गया था। माता-पिता के अलग होने के बाद यमाल की परवरिश में उनकी दादी फातिमा ने सबसे अहम भूमिका निभाई।

दादी फातिमा साल 1990 में मोरक्को के टैंजियर शहर से स्पेन आई थीं। उन्होंने बेहद गरीबी और आर्थिक तंगी के दिनों में भी परिवार को संभाला। वे बार्सिलोना के रोकाफोंडा इलाके में आकर बस गईं। दादी फातिमा ने ही यमाल की दिनचर्या संभाली और उनके फुटबॉल अभ्यास सत्रों में जाना सुनिश्चित किया।

यमाल अपनी इस मेहनत को कभी नहीं भूले। वे जब भी मैदान पर गोल करते हैं तो अपने हाथों से '304' का इशारा करते हैं। यह संख्या रोकाफोंडा के पोस्टकोड 08304 के आखिरी तीन अंक हैं। इस इशारे से वे अपने उस गरीब समुदाय के प्रति सम्मान और गर्व प्रकट करते हैं जहां वे पले-बढ़े हैं।

ff

यूनिसेफ का वह फोटो और मेस्सी के साथ जुड़ा संयोग

लामिन यमाल के जीवन में एक बेहद दिलचस्प वाकया साल 2007 में हुआ था। जब वे कुछ ही महीनों के एक बच्चे थे तब यूनिसेफ के एक चैरिटी फोटोशूट में उन्हें शामिल किया गया था। इस फोटोशूट में बार्सिलोना क्लब की तरफ से खेलने वाले 20 साल के युवा लियोनेल मेस्सी ने बच्चे यमाल को एक टब में नहलाया था।

यह तस्वीर साल 2026 के वर्ल्ड कप फाइनल से ठीक पहले सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल हो गई। दुनिया हैरान थी कि जिस बच्चे को कभी मेस्सी ने अपने हाथों से नहलाया था वही बच्चा आज वर्ल्ड कप फाइनल में मेस्सी की अर्जेंटीना के खिलाफ स्पेन का सबसे बड़ा हथियार बनकर मैदान पर उतरा था।

f

बार्सिलोना क्लब और ला मासिया अकादमी से शुरुआत

लामिन यमाल के हुनर को बार्सिलोना क्लब ने बहुत जल्दी पहचान लिया था। जब वे सिर्फ छह साल के थे तब उन्हें बार्सिलोना की मशहूर ला मासिया अकादमी में ट्रेनिंग के लिए चुन लिया गया था। साल 2014 में उन्होंने क्लब के साथ अनुबंध किया और वहीं रहने लगे। यमाल बचपन से ही रोनाल्डिन्हो, लियोनेल मेस्सी और नेमार को अपना आदर्श मानते आए हैं।

यमाल ने अप्रैल 2023 में महज 15 साल की उम्र में बार्सिलोना की सीनियर टीम के लिए डेब्यू किया। वे क्लब के इतिहास में डेब्यू करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। साल 2023-24 के सीजन में उन्होंने टीम में अपनी जगह पक्की कर ली। अक्टूबर 2023 में बार्सिलोना ने उनके साथ 2026 तक का नया कॉन्ट्रैक्ट साइन किया जिसमें 1 बिलियन यूरो की भारी-भरकम बायआउट क्लॉज राशि रखी गई। वे स्पेनिश सुपरकोपा और कोपा डेल रे में गोल करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने।

2024-25 का ऐतिहासिक सीजन और घरेलू ट्रेबल

कोच हेंसी फ्लिक के मार्गदर्शन में लामिन यमाल बार्सिलोना के सबसे मुख्य खिलाड़ी बनकर उभरे। साल 2024-25 के शानदार सीजन में उन्होंने बार्सिलोना को घरेलू ट्रेबल खिताब जिताने में बड़ी मदद की। बार्सिलोना ने उस सीजन में ला लिगा, कोपा डेल रे और सुपरकोपा डी एस्पाना पर कब्जा जमाया। रीयल मैड्रिड के खिलाफ एल क्लासिको मैच में गोल करके वे इस प्रतिष्ठित मुकाबले में स्कोर करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने।

इस बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर वे साल 2024 और 2025 में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ युवा खिलाड़ी का 'कोपा ट्रॉफी' पुरस्कार जीतने में सफल रहे। वे इस पुरस्कार को लगातार दो बार जीतने वाले दुनिया के पहले फुटबॉलर हैं। साल 2025 के बैलन डी'ओर पुरस्कार में वे उपविजेता के स्थान पर रहे।

साल 2025-26 के सीजन में बार्सिलोना ने अपना ला लिगा खिताब बरकरार रखा और यमाल को 'ला लिगा प्लेयर ऑफ द सीजन' चुना गया। इस सीजन में उन्होंने बार्सिलोना के लिए मशहूर 10 नंबर की जर्सी भी हासिल की जो कभी मेस्सी पहना करते थे। चोटिल होने से पहले उन्होंने इस सीजन में कुल 24 गोल और 17 असिस्ट किए।

स्पेनिश राष्ट्रीय टीम और यूरो 2024 में खिताबी जीत

अंतरराष्ट्रीय मंच पर लामिन यमाल ने सितंबर 2023 में सिर्फ 16 साल की उम्र में स्पेन की सीनियर टीम के लिए अपना पहला मैच खेला। वे स्पेन के लिए खेलने और गोल करने वाले इतिहास के सबसे युवा खिलाड़ी बने। उन्होंने यूरो 2024 के टूर्नामेंट में पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया।

क्रोएशिया के खिलाफ मैच में वे यूरो इतिहास के सबसे युवा खिलाड़ी बने। फ्रांस के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने पेनल्टी बॉक्स के बाहर से एक जादुई गोल दागा जिसे पूरे टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ गोल चुना गया। फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड को 2-1 से हराकर स्पेन को चैंपियन बनाने में यमाल का बड़ा योगदान था। उन्होंने फाइनल में निको विलियम्स के गोल के लिए शानदार पास दिया। यमाल को पूरे टूर्नामेंट में चार असिस्ट करने के लिए 'यंग प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' के खिताब से नवाजा गया।

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में यमाल का वर्ल्ड रिकॉर्ड

कोच लुइस डे ला फुएंते ने लामिन यमाल को 2026 फीफा वर्ल्ड कप की 26 सदस्यीय टीम में शामिल किया। यमाल ने अपने पहले ही वर्ल्ड कप में कमाल का प्रदर्शन किया। 21 जून 2026 को सऊदी अरब के खिलाफ मैच में उन्होंने अपना पहला वर्ल्ड कप गोल दागा। इसके साथ ही वे साल 1958 में पेले के बाद वर्ल्ड कप मैच में पहला गोल करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए।

पूरे टूर्नामेंट के दौरान यमाल ने प्रति मैच औसतन 12 ड्रिबल किए जो साल 1998 में जे-जे ओकोचा के बाद सबसे बेहतरीन रिकॉर्ड है। अर्जेंटीना के खिलाफ फाइनल मैच में उतरते ही उन्होंने एक और उपलब्धि अपने नाम की। वे पेले और ग्यूसेप बर्गोमी के बाद वर्ल्ड कप फाइनल खेलने और उसे जीतने वाले दुनिया के तीसरे सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। इस समय उनकी उम्र महज 19 साल और 6 दिन है।

सामाजिक कार्यों और मानवाधिकारों में सक्रियता

लामिन यमाल सिर्फ मैदान पर ही नहीं बल्कि समाज में भी अपने विचारों के लिए जाने जाते हैं। मार्च 2026 में मिस्र के खिलाफ एक दोस्ताना मैच के दौरान स्पेनिश प्रशंसकों ने मिस्र के खिलाड़ियों के खिलाफ कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। यमाल ने तुरंत इस नस्लवाद और मुस्लिम विरोधी नारों की कड़ी निंदा की थी। उन्होंने कहा था कि एक मुस्लिम होने के नाते वे इस तरह के असम्मानजनक व्यवहार को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।

मई 2026 में बार्सिलोना की खिताबी जीत के जश्न के दौरान यमाल ने फिलिस्तीनी झंडा लहराकर फिलिस्तीन के लोगों के प्रति अपनी एकजुटता दिखाई थी। उनके इस कदम की स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने काफी तारीफ की थी। जून 2026 में लामिन यमाल के सामाजिक कार्यों को देखते हुए उन्हें यूनिसेफ का गुडविल एंबेसडर नियुक्त किया गया है। वे अब दुनिया भर में संकटग्रस्त इलाकों में बच्चों के अधिकारों और खेल के महत्व के लिए काम कर रहे हैं।