आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने पेट्रोल में एथनॉल मिलाने की नीति को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इसके कारण चीनी की कीमतें बढ़ रही हैं और लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
गहलोत ने दावा किया कि गन्ने का बड़ा हिस्सा चीनी उत्पादन के बजाय एथनॉल बनाने में इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे बाजार में चीनी की उपलब्धता प्रभावित हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार बिना पूरी तैयारी के फैसले ले रही है और जनता का भरोसा खो चुकी है।
कांग्रेस नेता ने एक बयान में कहा, “मोदी सरकार की अदूरदर्शिता और गलत फैसलों का एक और उदाहरण बिना तैयारी के पेट्रोल में बड़ी मात्रा में एथनॉल मिलाने का निर्णय है, जिसका नुकसान देश की जनता को कई मोर्चों पर उठाना पड़ रहा है।” उन्होंने दावा किया कि गन्ने का एक बड़ा हिस्सा चीनी उत्पादन के बजाय एथनॉल बनाने में लगाया जा रहा है, जिससे बाजार में चीनी की उपलब्धता कम हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 15 दिनों में चीनी की कीमतों में 14 से 17 रुपये प्रति किलोग्राम तक की वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा, “यह केवल महंगाई तक सीमित नहीं है। एथनॉल मिश्रण के कारण वाहनों के इंजन को नुकसान पहुंचने, माइलेज कम होने जैसी समस्याएं भी सामने आ रही हैं, जिसका आर्थिक भार जनता को ही उठाना पड़ रहा है।”
गहलोत ने आरोप लगाया, “यह सीधे तौर पर आम आदमी की मेहनत की कमाई की लूट है। इस पूरे मामले में लाभ कुछ उद्योगपतियों और सरकार को हो रहा है, जबकि परेशान केवल आम जनता हो रही है।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि एथनॉल उत्पादन के कारण हवा और पानी के प्रदूषण से जुड़ी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
गहलोत ने केंद्र सरकार पर बिना पर्याप्त तैयारी के फैसले लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा, “मोदी सरकार अब जनता का भरोसा खो चुकी है।”