लखनऊ अग्निकांड पर मौलाना महमूद असद मदनी ने जताया गहरा शोक

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 23-06-2026
Maulana Mahmood Asad Madani expresses deep grief over the Lucknow fire incident.
Maulana Mahmood Asad Madani expresses deep grief over the Lucknow fire incident.

 

नई दिल्ली।

लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड में बड़ी संख्या में छात्रों और अन्य लोगों की मौत पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने गहरा शोक व्यक्त किया है। संगठन के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने इस हृदयविदारक घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की और कहा कि यह त्रासदी पूरे देश को शोक में डुबो देने वाली है।

मौलाना मदनी ने अपने शोक संदेश में कहा कि अलीगंज में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी भीषण आग में दो दर्जन से अधिक लोगों की जान चली जाना अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि मृतकों में बड़ी संख्या उन छात्रों की थी, जो शिक्षा प्राप्त करने के उद्देश्य से ट्यूशन कक्षा में शामिल होने आए थे। शिक्षा के मंदिर में इस तरह की घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है।

उन्होंने कहा, "यह बेहद दर्दनाक और हृदयविदारक हादसा है। जिन परिवारों ने अपने बच्चों और प्रियजनों को खोया है, उनके दुख को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। हम इस कठिन समय में शोक संतप्त परिवारों के साथ पूरी एकजुटता के साथ खड़े हैं।"

मौलाना मदनी ने हादसे में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी दुआ की और कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यापक जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही, नियमों की अनदेखी या प्रशासनिक चूक सामने आती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

मौलाना मदनी ने कहा, "यह आवश्यक है कि इस त्रासदी के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाए। यदि किसी की लापरवाही के कारण निर्दोष लोगों की जान गई है, तो दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा मिलनी चाहिए।"

उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाए। उनके अनुसार, आर्थिक सहायता और सरकारी सहयोग से पीड़ित परिवारों के दुख को पूरी तरह कम नहीं किया जा सकता, लेकिन इससे उन्हें इस कठिन समय में कुछ राहत अवश्य मिल सकती है।

मौलाना मदनी ने शैक्षणिक संस्थानों, कोचिंग सेंटरों और सार्वजनिक भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी संस्थानों में सुरक्षा मानकों की नियमित जांच होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

अंत में, उन्होंने मृतकों के लिए दुआ करते हुए कहा कि अल्लाह तआला सभी दिवंगतों को जन्नतुल फिरदौस में उच्च स्थान प्रदान करे और शोक संतप्त परिवारों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने का सब्र अता करे।