आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने तृणमूल कांग्रेस के उन तीन बैंक खातों से ममता बनर्जी नीत गुट के रोजमर्रा के खर्चों का प्रबंधन करने के लिए बृहस्पतिवार को एक विशेष अधिकारी नियुक्त किया, जिनसे वित्तीय लेन-देन पर रोक लगा दी गई थी।
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश सुब्रत तालुकदार को ममता खेमे के रोजमर्रा के खर्चों के प्रबंधन के लिए 30 सितंबर 2026 तक विशेष अधिकारी नियुक्त किया।
तृणमूल विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी गुट के नेताओं ने 18 जून को बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय के साइबर अपराध थाने में एक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि एक निजी बैंक में तृणमूल कांग्रेस के तीन खातों में जमा राशि अपराध से अर्जित रकम है। शिकायतकर्ताओं ने संबंधित पुलिस अधिकारियों से मामले में कार्रवाई करने का अनुरोध किया था।
प्राथमिकी दर्ज होने के एक दिन बाद 19 जून को तीनों खातों को ‘डेबिट फ्रीज’ (किसी बैंक खाते से वित्तीय लेन-देन पर रोक) कर दिया गया था।
न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने तीनों बैंक खातों के किन्हीं दो अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं को विशेष अधिकारी के समक्ष चेक पेश करने की अनुमति दी, जिसे पैसे निकालने के लिए बैंक अधिकारियों के पास भेजा जाएगा।
अदालत ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता को सिर्फ पार्टी के संचालन से जुड़े रोजमर्रा के खर्चों के लिए बैंक खाते से राशि निकालने की इजाजत होगी।
न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने ममता खेमे के कानूनी खर्चों और विशेष अधिकारी के 1.25 लाख रुपये प्रति महीने के मानदेय के भुगतान के लिए 30 सितंबर तक इन तीन बैंक खातों से लेन-देन की अनुमति प्रदान की।
अदालत ने विशेष अधिकारी को निर्देश दिया कि वह सुनवाई की अगली तारीख पर संबंधित अवधि के दौरान खर्च हुई राशि का ब्योरा देने वाली रिपोर्ट पेश करें।
उच्च न्यायालय ने बैंक अधिकारियों से तीनों खाते के इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और बैंकिंग डेटा को सहेजकर रखने तथा मामले की जांच में पुलिस का सहयोग करने को कहा।