आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने एक विशेष अदालत को बताया कि जांच एजेंसी इस वर्ष फरवरी में मलप्पुरम जिले से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद होने के मामले में कर्नाटक के तालिकोटी स्थित एक फर्म से जुड़ी बड़ी आपराधिक साजिश की जांच कर रही है।
एनआईए, सात फरवरी 2026 को मलप्पुरम के तिरुरंगाडी में प्याज की बोरियां ले जा रहे एक ट्रक से 89,600 जिलेटिन की छड़ें और 1.05 लाख गैर-विद्युत डेटोनेटर बरामद होने के मामले की जांच कर रही है।
कर्नाटक के बीजापुर निवासी मंतागौंड बिरादर (35) और कर्नाटक के तालिकोटी निवासी बापागौड़ भीरमाया चौधरी (47) ने हाल ही में उनसे पूछताछ के लिए एजेंसी द्वारा कदम उठाए जाने के बाद अग्रिम जमानत का अनुरोध करते हुए कोच्चि स्थित एनआईए अदालत का रुख किया था।
एनआईए ने अदालत को बताया कि बिरादर और चौधरी चेतन एंटरप्राइजेज के मालिक हैं, जिसने बरामद किए गए विस्फोटकों की तस्करी की थी।
एजेंसी के अनुसार, बिरादर ने इन विस्फोटकों को तमिलनाडु की वेत्रिवेल एक्सप्लोसिव्स और ट्राइडेंट एक्सप्लोसिव्स से खरीदा था।
एजेंसी ने अदालत को बताया कि जांच में यह सामने आया कि विस्फोटकों के पैकेटों पर लगाए गए बारकोड लेबल को उनके स्रोत, स्वामित्व और तस्करी को छिपाने के उद्देश्य से जानबूझकर हटाया गया था या उनके साथ छेड़छाड़ की गई थी।
तालिकोटी स्थित चेतन एंटरप्राइजेज के मैगजीन परिसर की तलाशी के दौरान जांचकर्ताओं ने डेटोनेटर और फर्जी बारकोड लेबल बरामद किए।
एनआईए ने अदालत को बताया, “ये परिस्थितियां एक बड़े आपराधिक षड्यंत्र की ओर संकेत करती हैं और प्रथम दृष्टया विस्फोटक पदार्थों के अवैध तरीके से प्रबंधन और तस्करी का खुलासा करती हैं। इसलिए विस्फोटकों के स्रोत, उन्हें लाने-ले जाने और उनके संभावित उपयोग का पता लगाने के लिए याचिकाकर्ताओं से हिरासत में पूछताछ करना आवश्यक है।”