पूर्वोत्तर में बाढ़ और भास्खलन से प्रभावितों की 'पीएम केयर्स' से मदद की जाए: खरगे

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 02-07-2026
floods and landslides in the Northeast through 'PM CARES': Kharge
floods and landslides in the Northeast through 'PM CARES': Kharge

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पूर्वोत्तर के कई राज्यों में आई बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं पर दुख जताते हुए बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार से आग्रह किया कि ‘पीएम केयर्स फंड’ का इस्तेमाल कर प्रभावित परिवारों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाए और उनका पुनर्वास करते हुए राहत प्रदान की जाए।
 
खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर यह आरोप भी लगाया कि पूर्वोत्तर के लोगों से राज्यों को ‘‘बाढ़ मुक्त’’ बनाने के संबंध में ‘डबल इंजन’ वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकारों द्वारा किए गए वादे पूरे नहीं हुए और बाढ़ हर साल की नियमित समस्या बन गई है, जबकि दीर्घकालिक समाधान के प्रयास और तैयारियां अपर्याप्त हैं।
 
खरगे ने कहा, "अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और सिक्किम में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने कई लोगों की जान ले ली है तथा हजारों परिवारों को विस्थापित और प्रभावित किया है।"
 
उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने प्रियजन को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और पूर्वोत्तर क्षेत्र में इस त्रासदी से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति के साथ एकजुटता से खड़ा हूं।’’
 
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार इस आपदा को सामान्य आपदा की तरह नहीं ले सकती और उसे तत्काल ‘पीएम केयर्स फंड’ का उपयोग कर प्रभावित परिवारों को पर्याप्त मुआवजा और निरंतर राहत उपलब्ध करानी चाहिए तथा उनका व्यापक पुनर्वास किया जाना चाहिए।
 
खरगे ने बचाव और राहत कार्यों में जुटे सशस्त्र बलों, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के कर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि मानवीय संकट की व्यापकता को देखते हुए सरकार को अतिरिक्त कर्मियों, संसाधनों और वित्तीय सहायता की तत्काल व्यवस्था करनी चाहिए।
 
उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान तेज करने, क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण की और यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि कोई भी प्रभावित परिवार सहायता से वंचित न रहे।
 
कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पीड़ितों की सहायता और राहत कार्यों में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।