लखनऊ अग्निकांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, इमारत सील, तीन गिरफ्तार

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 23-06-2026
Major police action in Lucknow fire incident: building sealed, three arrested.
Major police action in Lucknow fire incident: building sealed, three arrested.

 

लखनऊ।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए घटना स्थल स्थित इमारत को सील कर दिया है। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 15 छात्रों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। पुलिस ने मामले में छह आरोपियों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अलीगंज थाना क्षेत्र में स्थित जिस इमारत में आग लगी थी, उसे पूरी तरह सील कर दिया गया है। साथ ही आम लोगों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है, ताकि फॉरेंसिक टीम और अग्निशमन विभाग के अधिकारी मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटा सकें।

घटनास्थल पर देर रात तक भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जांच में सहयोग देने के लिए लगातार निगरानी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए हर पहलू की गहन जांच की जा रही है।

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 110, 105, 125 और 3(5) के तहत तथा उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम की धारा 6 और 10 के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। प्राथमिकी अलीगंज थाने में दर्ज की गई है।

पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों—रामकृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र शुक्ला और तुषांक कृष्ण जायसवाल—को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने बताया कि मेडिकल परीक्षण के बाद तीनों आरोपियों को थाने लाया गया। अन्य आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

इस बीच, हादसे के कारण क्षतिग्रस्त हुई 440 वोल्ट की बिजली लाइन की मरम्मत का कार्य भी जारी है। आग लगने के बाद आसपास के लगभग 150 घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। प्रभावित क्षेत्र पुरनिया पावर हाउस के अंतर्गत आता है।

सोमवार को अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग गई थी। यह इमारत एक लाइब्रेरी और कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थान के रूप में उपयोग की जा रही थी। आग लगने के बाद इमारत में अफरा-तफरी मच गई और छात्र अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग तेजी से फैलने लगी, जिसके कारण कई लोगों ने खिड़कियों और अन्य रास्तों से बाहर निकलने की कोशिश की। एक व्यक्ति ने जान बचाने के लिए इमारत से छलांग लगा दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। दमकल विभाग की कई गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

फिलहाल, आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस, फॉरेंसिक टीम और अग्निशमन विभाग संयुक्त रूप से जांच कर रहे हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह हादसा एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी त्रासदियों से बचने के लिए सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।