Maharashtra Congress calls government 'dumb, deaf and blind' over Brijbhushan's acquittal
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल ने यौन उत्पीड़न के मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह को सोमवार को बरी किये जाने पर निराशा जताई और इसे “गूंगी, बहरी और अंधी” सरकार के दौर में देश का दुर्भाग्य बताया।
‘पीटीआई वीडियो’ से बात करते हुए, सपकाल ने इस फैसले के समय को रेखांकित किया और इस विडंबना का जिक्र किया कि यह हाल ही में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का मान बढ़ाने वाले खिलाड़ियों के सम्मान को कम करना है।
दिल्ली की एक अदालत ने महिला पहलवानों द्वारा दर्ज कराए गए यौन उत्पीड़न के मामले में डब्ल्यूएफआई के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह और सह-आरोपी विनोद तोमर को सोमवार को बरी कर दिया।
दिल्ली पुलिस ने छह बार के सांसद सिंह के खिलाफ 15 जून को धारा 354 (किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), 354ए (यौन उत्पीड़न), 354डी (पीछा करना) और 506 (धमकाना) के तहत आरोपपत्र दाखिल किया था।
अदालत के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए सपकाल ने कहा कि देश में “अंधा कानून” है।
उन्होंने कहा कि इन महिलाओं ने देश का मान बढ़ाया है; वे सचमुच देश का गौरव और सम्मान हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सिंह जैसे व्यक्ति के साथ सख्ती से निपटा जाना चाहिए था।