महादेव ऐप के संस्थापक को ओमान में हिरासत में लिया गया; भारत ने प्रत्यर्पण की कोशिशें तेज कीं

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 08-07-2026
Mahadev app founder detained in Oman; India steps up extradition efforts
Mahadev app founder detained in Oman; India steps up extradition efforts

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
महादेव सट्टेबाजी ऐप सिंडिकेट मामले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान में हिरासत में ले लिया गया है, जिसके बाद भारत उसके प्रत्यर्पण या निर्वासन की कोशिशों में जुट गया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
 
अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ निवासी चंद्राकर महादेव सट्टेबाजी ऐप का संस्थापक है और रॉयल ओमान पुलिस ने राज्य पुलिस तथा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी भारतीय जांच एजेंसियों के आग्रह पर उसके खिलाफ जारी इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर कुछ हफ्ते पहले उसे हिरासत में ले लिया।
 
ईडी का आरोप है कि महादेव सट्टेबाजी ऐप मामले में छत्तीसगढ़ के कई बड़े नेता और नौकरशाह शामिल हैं तथा इस मामले में अपराध से हुई कथित कमाई 6,000 करोड़ रुपये के करीब है।
 
चंद्राकर और महादेव ऐप के सह-संस्थापक रवि उप्पल का पता लगाने की कोशिशों में जुटे जांचकर्ताओं ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि अनौपचारिक जानकारी से संकेत मिला है कि चंद्राकर कथित तौर पर एक दक्षिण-पूर्व एशियाई देश के पासपोर्ट पर यात्रा कर रहा था।
 
भारतीय एजेंसियों ने पहले बताया था कि चंद्राकर दुबई में है, जहां संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अधिकारियों ने 2024 में उसे हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया।
 
उन्होंने कहा था कि उप्पल दुबई से भागकर वानुअतु चला गया है, जो दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित एक द्वीपीय देश है।
 
अधिकारियों के मुताबिक, चंद्राकर पर लगे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए भारत उसे ओमान से प्रत्यर्पित या निर्वासित कराने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने भारत और ओमान के बीच अच्छे द्विपक्षीय संबंधों का हवाला देते हुए इस प्रयास में सफलता मिलने का भरोसा जताया।
 
अधिकारियों ने भारत और ओमान के बीच आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए एक जून को लागू हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का भी जिक्र किया। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान दोनों देशों के बीच 11.2 अरब अमेरिकी डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ था।
 
चंद्राकर के 2019 में दुबई जाने की खबरें हैं। इससे पहले, वह छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई शहर में अपने भाई के साथ ‘जूस फैक्टरी’ नाम की जूस की दुकान चलाता था।
 
चंद्राकर और उप्पल ने कुछ साल पहले एक बयान जारी कर कथित सट्टेबाजी सिंडिकेट के साथ किसी भी तरह के संबंध होने से इनकार किया था।