मजीठिया का आरोप: LPU छात्रों को बनाया मोहरा

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 28-09-2026
LPU students used as pawns for political revenge, alleges Akali Dal's Bikram Majithia
LPU students used as pawns for political revenge, alleges Akali Dal's Bikram Majithia

 

चंडीगढ़ (पंजाब) 
 
शिरोमणि अकाली दल के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोमवार को आरोप लगाया कि लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के छात्रों का इस्तेमाल राजनीतिक बदले की भावना के लिए "मोहरे" के तौर पर किया जा रहा है। उन्होंने इन घटनाओं में AAP नेताओं भगवंत मान, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की कथित भूमिका पर भी सवाल उठाए। X पर एक पोस्ट में मजीठिया ने आरोप लगाया कि अशोक मित्तल के BJP में शामिल होने के बाद, LPU में विरोध प्रदर्शन को भड़काने के लिए दिल्ली से बाहरी लोगों को लाया गया था।
 
मजीठिया ने कहा, "गुरु-द्रोही भगवंत मान, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने कथित तौर पर बदले की भावना के लिए LPU के छात्रों को मोहरे के तौर पर इस्तेमाल किया!" उन्होंने आगे कहा, "अशोक मित्तल के BJP में शामिल होने के बाद, विरोध प्रदर्शन को भड़काने के लिए दिल्ली से बाहरी लोगों को लाया गया था।" मजीठिया ने विरोध प्रदर्शन के वीडियो का भी ज़िक्र किया और दावा किया कि उनमें लोगों को वॉकी-टॉकी, बैट और हथियार लिए हुए देखा जा सकता है, जबकि पुलिस मूकदर्शक बनी रही। उन्होंने कहा, "वीडियो सबूतों में लोगों को वॉकी-टॉकी, बैट और हथियार लिए हुए देखा जा सकता है, जबकि पुलिस मूकदर्शक बनी रही!"
 
पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मजीठिया ने पूछा कि हिरासत में लिए गए लोगों को रात भर में रिहा करने का आदेश किसने दिया। उन्होंने कहा, "पुलिस ने बाहरी YouTubers और भड़काऊ तत्वों को रात भर हिरासत में रखा, लेकिन उन्हें रिहा करने का आदेश किसने दिया? यह किस तरह की पुलिसिंग है?" मजीठिया ने छात्रों और यूनिवर्सिटी पर विरोध प्रदर्शन के असर को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि हज़ारों लोगों की आजीविका और लाखों छात्रों की शिक्षा दांव पर लगी है।
 
उन्होंने पूछा, "हज़ारों लोगों की आजीविका और लाखों छात्रों की शिक्षा दांव पर लगी है। क्या इससे पंजाब में निवेश आएगा? क्या यह सब सिर्फ़ निजी रंजिश निकालने के लिए किया गया?" उन्होंने आगे सवाल किया कि क्या इन घटनाओं का मकसद सरकारी बंगले और गायत्री बिश्नोई से जुड़े विवादों से ध्यान भटकाना था। मजीठिया ने कहा, "क्या यह सरकारी बंगले और गायत्री बिश्नोई से जुड़े विवादों से ध्यान भटकाने की साज़िश थी? इसकी केंद्रीय जांच होनी चाहिए।"