DK शिवकुमार: किसानों के हितों की रक्षा करेंगे

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 28-09-2026
Karnataka CM DK Shivakumar says will protect farmers’ interests amid BJP’s drought boycott
Karnataka CM DK Shivakumar says will protect farmers’ interests amid BJP’s drought boycott

 

बेंगलुरु (कर्नाटक)
 
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोमवार को कहा कि वह केंद्र के साथ सूखे से राहत, कस्तूरीरंगन रिपोर्ट और अन्य मुद्दों पर चर्चा करने के लिए दिल्ली जाएंगे। साथ ही, उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर विपक्ष सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल नहीं होता है, तो भी वह किसानों के हितों की रक्षा के लिए जो कुछ भी जरूरी होगा, वह करेंगे। अपनी दिल्ली यात्रा के बारे में पत्रकारों से बात करते हुए शिवकुमार ने कहा कि सूखे से राहत और कस्तूरीरंगन रिपोर्ट पर चर्चा होगी, साथ ही वह कई केंद्रीय मंत्रियों से भी मिलेंगे और शिक्षा तथा चुनावी मुद्दों पर पार्टी की बैठकों में शामिल होंगे।
 
उन्होंने कहा, "मैंने अभी सर्वदलीय सदस्यों की बैठक तय की है; हमें कस्तूरीरंगन और सूखे पर चर्चा करनी है। इसलिए मैं एक तारीख तय करना चाहता हूं, और साथ ही मैं कुछ केंद्रीय मंत्रियों से भी मिल रहा हूं, और मेरी पार्टी की बैठकें भी हैं - एक शिक्षा पर और एक CEC के साथ वोट के मुद्दे पर। तो हम चर्चा कर रहे हैं, और मैं उस मुद्दे पर वापस आऊंगा।" सूखे से राहत के लिए केंद्र जाने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल न होने के बीजेपी के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवकुमार ने कहा, "अगर वे शामिल नहीं हो रहे हैं, तो इसका मतलब है कि उन्हें किसानों में कोई दिलचस्पी नहीं है। वे जानते हैं कि वे नेताओं से बात नहीं कर सकते। उनके पास कोई चेहरा नहीं है।"
 
उन्होंने कहा कि विपक्ष को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए और सूखे से प्रभावित किसानों के लिए राहत पाने के प्रयासों में भाग लेना चाहिए। उन्होंने कहा, "अगर वे कहते हैं कि वे इस सूखे के मुद्दे में शामिल नहीं होंगे, तो उन्हें समझना चाहिए कि इसका क्या मतलब है। उनके लिए, इस राज्य के किसानों के बारे में सब कुछ सिर्फ झूठ और नाटक है। वे कहते रहते हैं कि किसानों को इतना और उतना दो। मैंने पहले ही कहा है कि अगर आप इसे करवा लेते हैं, तो हम भी इसे देंगे। इसलिए, उन्हें आना चाहिए और इसे करवाना चाहिए।"
 
शिवकुमार ने कहा कि तीसरी तारीख से एक समिति का गठन किया जाएगा और भरोसा दिलाया कि अधिकारी कानून के दायरे में जरूरी सहयोग प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा, “वे लगातार कहते रहते हैं कि ‘आज इतना दें, 25 रुपये दें, इतना दें या उतना दें’, और फिर उन्हें आकर विरोध-प्रदर्शन के बारे में बात करनी चाहिए। मैंने कहा है कि 3 तारीख को एक कमिटी आएगी। जो भी ज़रूरी होगा, हम सभी—अधिकारियों सहित—कानून के दायरे में रहकर उन्हें मदद देंगे। उन्हें आना चाहिए। उन्हें अपनी कही बातों के मुताबिक काम करना चाहिए।”
 
उन्होंने आगे कहा, “अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो हमें कोई दिक्कत नहीं है। अगर वे शामिल नहीं होते हैं, तो भी मैं इस राज्य के किसानों के हितों की रक्षा के लिए जो कुछ भी ज़रूरी होगा, वह करूँगा।” कस्तूरीरंगन मामले पर शिवकुमार ने कहा कि वह राज्य का पक्ष रखने के लिए अधिकारियों, केंद्रीय मंत्रियों और प्रधानमंत्री से मुलाक़ात का समय माँगेंगे। उन्होंने कहा, “कस्तूरीरंगन मामले को लेकर भी मैं अधिकारियों, केंद्रीय मंत्रियों और प्रधानमंत्री से समय माँगूँगा। मैं समय माँगूँगा और उन तक अपनी बात पहुँचाने के लिए जो भी ज़रूरी होगा, वह करूँगा।”