Lok Sabha passes bill to prevent states from levying additional taxes on minerals
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
लोकसभा ने बुधवार को खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 विपक्ष के हंगामे के बीच पारित कर दिया, जिसके तहत राज्यों को खनिज अधिकारों पर अतिरिक्त कर लगाने से रोका जाएगा।
खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के जरिए केंद्र सरकार ने खनिज वाले क्षेत्रों में खनिज संपदा की मात्रा से संबंधित निर्धारित मानकों के अनुसार खनिज-युक्त भूमि के विनियमन को भी अपने नियंत्रण में लेने का प्रावधान किया है।
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने विपक्षी सदस्यों के विरोध के बीच विधेयक को सदन में चर्चा एवं पारित करने के लिए पेश किया।
विपक्षी सदस्य अयोध्या के राम मंदिर से चढ़ावे की कथित चोरी पर चर्चा और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई पर गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। इसके साथ ही कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और द्रमुक के सदस्य विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन (एफसीआरए) विधेयक, 2026 को वापस लेने की मांग करते हुए भी हंगामा कर रहे थे, जिसे विस्तृत समीक्षा और संभावित सुझावों के लिए संसद की संयुक्त समिति को भेजा गया है।
आरएसपी के एन. के. प्रेमचंद्रन ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि यह संविधान और संघीय ढांचे के खिलाफ है।
टाटा ट्रस्ट्स के भीतर 2025 के दौरान मतभेद बढ़े। इसका एक गुट नोएल टाटा के साथ रहा, जबकि मिस्त्री की अगुवाई वाले दूसरे गुट में प्रमीत झावेरी, जहांगीर एचसी जहांगीर और डेरियस खंबाटा शामिल थे। मिस्त्री के विस्तारित शापूरजी पालोनजी परिवार से संबंध भी विवाद का एक पहलू रहे हैं। इस परिवार के पास टाटा संस की करीब 18.37 प्रतिशत हिस्सेदारी है।