आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
लोकसभा में बुधवार को विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई, वहीं सदन ने शोर-शराबे के बीच ही खान एवं खनिजों से संबंधित एक विधेयक को पारित कर दिया और एफसीआरए विधेयक को विस्तृत समीक्षा के लिए संसद की संयुक्त समिति को भेजने की मंजूरी दी।
अयोध्या के राम मंदिर से कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर चर्चा और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होने के कुछ मिनट के भीतर ही अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी गई।
दो बजे बैठक शुरू हुई तो केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन (एफसीआरए) विधेयक, 2026 को संसद की संयुक्त समिति के पास भेजने का प्रस्ताव रखा। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और द्रमुक ने विधेयक को अल्पसंख्यकों के खिलाफ करार देते हुए इसे वापस लेने की मांग की।
सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इस विधेयक में एक भी प्रावधान अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं है तथा यह सिर्फ देश की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।