Livestock medicine centres will be opened in all blocks of Uttar Pradesh: Livestock Minister
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश सरकार के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने मंगलवार को कहा कि राज्य के सभी ब्लॉकों पर पशुओं के लिए पशुधन औषधि केंद्र खोले जायेंगे और इन केंद्रों पर एथनोमेडिसिन की उपलब्धता भी सुनिश्चित कराई जायेगी।
पशुधन मंत्री सिंह ने आज विधान भवन स्थित तिलक हाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि देशी गाय का दूध अमृत है और गौपालक तथा किसान गायों के दूध देना बंद करने पर उनको इधर-उधर न छोड़ें।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गायों के उन्नत नस्ल सुधार कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जा रही है। संक्रामक रोगों पर नियंत्रण हेतु वैक्सीन और औषधियों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
उन्होंने कहा कि गोवंश व अन्य पशुओं के उपचार हेतु पीपीपी मोड पर वेटनरी और पैरावेटनरी सेवाएं शुरू कराई जायेंगी। पशुओं की जांच हेतु पैथालॉजी केंद्र खोले जायेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए नयी चारा नीति लागू की गई है, इसके अंतर्गत किसानों को चारे का बीज निशुल्क दिया जायेगा।
सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि एवं पशुपालन पर आधारित हैं। राज्य की लगभग 68 प्रतिशत जनसंख्या जीविकोपार्जन हेतु कृषि एवं पशुपालन कार्यों पर निर्भर है। पशुपालन विभाग पारम्परिक विकास के साथ-साथ ’विकसित उत्तर प्रदेश-समर्थ उत्तर प्रदेश 2047“ की दीर्घकालिक संकल्पना को साकार करने की दिशा में प्रगति के पथ पर अग्रसर है।
उन्होंने कहा कि 20वीं पशुगणना 2019 के अनुसार देश में उत्तर प्रदेश विशाल पशु सम्पदा से अच्छादित राज्य है, जिसमें 190.20 लाख गोवंश, 330.17 लाख महिषवंश, 9.85 लाख भेड़, 144.80 लाख बकरी एवं 4.09 सूकर हैं।
उन्होंने कहा कि पशुपालकों के आर्थिक उत्थान एवं बेहतर जीविकोपार्जन के लिए पशुपालन से सम्बन्धित योजनाओं हेतु बजट में वर्ष 2017-18 में स्वीकृत 137423. 53 लाख रुपये के सापेक्ष उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए वर्ष 2024-25 में 411529.86 लाख रुपये स्वीकृत (लगभग तीन गुना की वृद्धि) किये गये हैं।