आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म के बाद मार डालीगई 11 वर्षीय एक लड़की के परिवार से अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं ने मुलाकात की और उन्हें न्याय की लड़ाई में समर्थन का भरोसा दिलाया।
राज्य की शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल और पूर्व सांसद लॉकेट चटर्जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक प्रतिनिधिमंडल ने लड़की के परिवार से मुलाकात की।
पॉल ने दावा किया, ‘‘परिवार ने उन्हें बताया कि वे सरकार की भूमिका को लेकर संतुष्ट हैं और उन्हें मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी में भरोसा है।’’
उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए और अगर पुलिस या प्रशासन की ओर से लापरवाही पाई गई, तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
हाल में तृणमूल कांग्रेस से ‘नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ (एनसीपीआई) में शामिल हुईं सांसद काकोली घोष दस्तीदार और सायोनी घोष ने भी पीड़िता के माता-पिता से मुलाकात की।
घोष और दस्तीदार ने कहा, ‘‘हम इस घिनौने अपराध के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग करते हैं। प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहा है कि न्याय मिले।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह बेहद दुखद घटना है। ऐसा लग रहा है, जैसे यह मेरी अपनी बेटी के साथ हुआ हो। हमने परिवार को भरोसा दिलाया है कि हम हर तरह से उनके साथ खड़े रहेंगे।’’
पुलिस ने शुरू में एनसीपीआई के प्रतिनिधिमंडल को उस इलाके में जाने से रोका, लेकिन बाद में उन्हें आगे जाने दिया गया। स्थानीय सांसद सायोनी घोष को भी विरोध का सामना करना पड़ा।
यादवपुर की सांसद सायोनी घोष ने कहा कि ऐसी घटना के बाद सरकार की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होती है।
अधिकारियों ने बताया कि जहां हमलों के लिए विदेशी आतंकियों का इस्तेमाल बढ़ा है, वहीं लतीफ और जाकिर जैसे स्थानीय आतंकियों पर लगाम लगाना भी बेहद जरूरी है। इससे आतंकी संगठनों के मददगार नेटवर्क को तोड़ने और स्थानीय युवाओं की भर्ती के सिलसिले को रोकने में मदद मिल सकती है।