कोचीन शिपयार्ड की बिक्री पेशकश में संस्थागत निवेशकों के हिस्से को मिला पूर्ण अभिदान

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 07-07-2026
Cochin Shipyard's offer for sale (OFS) is fully subscribed to the institutional investors' portion.
Cochin Shipyard's offer for sale (OFS) is fully subscribed to the institutional investors' portion.

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
सरकार की कोचीन शिपयार्ड में 5.04 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचने के लिए बिक्री पेशकश (ओएफएस) में संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्से को मंगलवार को अपेक्षा से अधिक अभिदान मिला।

सीएसएल के 59.66 लाख से अधिक शेयर के आधार आकार की पेशकश के मुकाबले संस्थागत निवेशकों ने करीब 74 लाख शेयर के लिए बोलियां लगाईं। इस तरह उनके लिए आरक्षित हिस्से को 1.23 गुना अभिदान मिला। बाजार बंद होने तक बोली प्रक्रिया जारी रहेगी।
 
बोलियों का सांकेतिक मूल्य 1,401.85 रुपये प्रति शेयर रहा, जबकि न्यूनतम मूल्य 1,400 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है।
 
सरकार दो दिन की बिक्री पेशकश (ओएफएस) के जरिये जहाज निर्माण कंपनी सीएसएल में 1.32 करोड़ से अधिक शेयर यानी 5.04 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेच रही है। इसमें 2.52 प्रतिशत शेयर बेचे जाएंगे, जबकि अधिक मांग आने की स्थिति में उतनी ही अतिरिक्त हिस्सेदारी ‘ग्रीन-शू’ विकल्प के तहत बेची जाएगी।
 
निर्धारित न्यूनतम मूल्य पर 5.04 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री से सरकारी खजाने को लगभग 1,800 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।
 
खुदरा निवेशक आठ जुलाई को बिक्री पेशकश के लिए बोली लगा सकेंगे। वर्तमान में सीएसएल में सरकार की 67.91 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
 
चालू वित्त वर्ष 2026-27 में सरकार अब तक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, कोल इंडिया, एनएचपीसी, एनएलसी इंडिया, जीआईसी और आईआरएफसी में ओएफएस के जरिये हिस्सेदारी बेचकर कुल 18,561 करोड़ रुपये जुटा चुकी है।
 
समूचे वित्त वर्ष के लिए सरकार ने विनिवेश और परिसंपत्ति मौद्रीकरण के जरिये 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का बजट लक्ष्य रखा है।