आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा ने सोमवार को आरोप लगाया कि केरल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नीत वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने अपने नेतृत्व को बचाने और सत्ता में बने रहने के लिए भाजपा के साथ ‘‘गुप्त समझौता’’ किया है।
उन्होंने राज्य सरकार और केंद्र, दोनों पर ‘‘असहमति की आवाज को दबाने’’ का भी आरोप लगाया।
वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी ने 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार अभियान के तहत उत्तरी जिलों में विभिन्न नुक्कड़ सभाओं को संबोधित करते हुए दावा किया कि कथित समझौता नेताओं को जांच से बचाने के उद्देश्य से किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘एक ओर जहां, प्रधानमंत्री (नरेन्द्र) मोदी एप्स्टीन फाइल में फंसने से खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर केरल के मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार से खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। और इसी के लिए वह मोदी के साथ समझौता कर रहे हैं।’’
प्रियंका ने दावा किया कि मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में, केंद्र सरकार के खिलाफ बोलने वालों को राहुल गांधी की तरह केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई का सामना करना पड़ता है, जबकि केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को ऐसे किसी मामले का सामना नहीं करना पड़ता।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के खिलाफ जब कभी कोई बोलता है, तो उसके खिलाफ सीबीआई, ईडी या आयकर विभाग के मामले दर्ज हो जाते हैं, लेकिन केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के खिलाफ ऐसा एक भी मामला नहीं है।’’