आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में हुई हालिया बगावत की ओर इशारा करते हुए मंगलवार को भाजपा पर पार्टियों को “तोड़ने” का आरोप लगाया और कहा कि ऐसी चीजें लोकतंत्र के लिए नुकसानदायक है।
उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वह “अच्छी पार्टी” है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के तहत सोशल मीडिया आंदोलन के बाद स्थापित हुई सीजेपी ने नीट-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक विवाद समेत शिक्षा क्षेत्र में विभिन्न नाकामियों का आरोप लगाया है।
पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव में बुरी तरह हार का सामना करने वाली टीएमसी के 80 में से 58 विधायक पार्टी से अलग हो गए।
इसके अलावा रविवार को टीएमसी के 20 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात करके सदन में बैठने के लिए अलग व्यवस्था करने का अनुरोध किया। साथ ही उन्होंने नेशनल सिटिजन पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय की भी घोषणा की। एनसीपीआई के बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध है।
टीएमसी नेताओं के पार्टी छोड़ने के बारे में पूछे जाने पर केजरीवाल ने आरोप लगाया कि कोलकाता और महाराष्ट्र (शिवसेना और राकांपा का विभाजन) में जो कुछ हुआ वह दिखाता है कि भाजपा का मूल रूप से नैतिकता से कोई लेना-देना नहीं है।
उन्होंने कहा कि लोग किसी पार्टी को वोट देते हैं, लेकिन भाजपा भारी रकम देकर या प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भेजकर पार्टियां तोड़ देती है।
उन्होंने कहा, “ लोकतंत्र के लिए यह ठीक नहीं है। यह हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सही नहीं है।”
हाल ही में ‘आप’ के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा के भाजपा में शामिल होने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह “दुर्भाग्यपूर्ण” था।