कर्नाटक को 11 महीनों में 4.71 लाख करोड़ रुपये का निवेश मिला : मंत्री पाटिल

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 16-01-2026
Karnataka received investments worth Rs 4.71 lakh crore in 11 months: Minister Patil
Karnataka received investments worth Rs 4.71 lakh crore in 11 months: Minister Patil

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
कर्नाटक के मध्यम एवं बड़े उद्योग मंत्री एम बी पाटिल ने शुक्रवार को कहा कि राज्य ने फरवरी 2025 में आयोजित अपने वैश्विक निवेशक सम्मेलन के 11 महीने के भीतर 4.71 लाख करोड़ रुपये का निवेश हासिल कर लिया है। यह निवेशक सम्मेलन में हासिल की गई 10.27 लाख करोड़ रुपये की प्रतिबद्धताओं का 46 प्रतिशत है।
 
दावोस में विश्व आर्थिक मंच में अपनी भागीदारी से पहले पाटिल ने कहा कि त्वरित मंजूरी एवं पूरी तरह से डिजिटल एकल-खिड़की प्रणाली के कारण राज्य में निवेश प्रतिबद्धताओं को जमीनी परियोजनाओं में तेजी से परिवर्तित किया गया है।
 
पाटिल 19 से 23 जनवरी तक दावोस में रहेंगे।
 
उन्होंने बताया कि विनिर्माण क्षेत्र में निवेश के लिए किए गए 5.66 लाख करोड़ रुपये की प्रतिबद्धताओं में से 3.22 लाख करोड़ रुपये का निवेश पहले ही मिल चुका है जो 58 प्रतिशत की सफलता दर दर्शाता है। नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 4.25 लाख करोड़ रुपये की प्रतिबद्धताओं के मुकाबले 1.41 लाख करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है जबकि अवसंरचना विकास क्षेत्र में 45,000 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धताओें में से 8,500 करोड़ रुपये का निवेश मिला है।
 
पाटिल ने कहा कि राज्य, 30 से अधिक विभागों में 150 से अधिक सेवाओं को एकीकृत करने वाले एक डिजिटल एकल-खिड़की मंच के माध्यम से भूमि आवंटन, वैधानिक अनुमोदन एवं आवेदन प्रसंस्करण को सुव्यवस्थित करके समझौता ज्ञापन के चरण से आगे बढ़ गया है।
 
मंत्री ने कहा, ‘‘ हम केवल समझौता ज्ञापन के चरण तक ही नहीं रुके हैं।’’
 
निवेश प्रस्ताव जमा होने के बाद, आवेदन प्रक्रिया, भूमि आवंटन, वैधानिक मंजूरी और अनुमोदन जैसी प्रक्रियाओं को पूरी तरह से डिजिटल एकल-खिड़की प्रणाली के माध्यम से सुगम बनाया जा रहा है। इस व्यवस्था के तहत 30 से अधिक विभागों की 150 से अधिक सेवाओं को एकीकृत किया गया है।
 
उन्होंने कहा, ‘‘ इसके परिणामस्वरूप, विनिर्माण, सेमीकंडक्टर और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में निवेश का निरंतर प्रवाह देखा जा रहा है।’’
 
मंत्री ने साथ ही बताया कि करीब 50 प्रतिशत निवेश प्रस्ताव और लगभग 60 प्रतिशत विनिर्माण प्रस्ताव कर्नाटक उद्योग मित्र के माध्यम से प्रस्तुत किए गए हैं।