जम्मू-कश्मीर के बारामूला में मोर्टार गोला बरामद, निष्क्रिय किया

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 16-01-2026
A mortar shell was recovered and defused in Baramulla, Jammu and Kashmir.
A mortar shell was recovered and defused in Baramulla, Jammu and Kashmir.

 

श्रीनगर

जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में सुरक्षा बलों ने शुक्रवार को एक मोर्टार गोला बरामद किया, जिसे बाद में सेना के बम निरोधक दस्ते (ईओडी) ने निष्क्रिय कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई उत्तरी कश्मीर के रामपुर इलाके में हुई, जहां सेना की एक इकाई गश्त और खुदाई अभियान पर तैनात थी।

अधिकारियों के अनुसार, रामपुर क्षेत्र में सेना की रूटीन खुदाई और निगरानी के दौरान मोर्टार शेल बरामद हुआ। इसे तुरंत सुरक्षित क्षेत्र में ले जाया गया और आसपास का इलाका पूरी तरह से फेंसिंग और सुरक्षा घेरा बना कर सील कर दिया गया। बरामदगी की जानकारी पुलिस को भी दी गई, ताकि इलाके में किसी तरह की अफवाह या सुरक्षा खतरे की संभावना न बने।

सेना के बम निरोधक दस्ते ने पुलिस की मौजूदगी में मोर्टार गोले को निष्क्रिय किया। इस प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई और न ही किसी को चोट या किसी संपत्ति का नुकसान हुआ। अधिकारियों ने बताया कि मोर्टार गोले का समय रहते पता लग जाना सुरक्षा बलों की सतर्कता और अनुशासन को दर्शाता है।

इस बरामदगी के बाद सेना और पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से भी अनुरोध किया है कि वे संदिग्ध वस्तुओं या गतिविधियों की सूचना तुरंत सुरक्षा बलों को दें। इस तरह की घटनाओं पर सुरक्षा बल लगातार अलर्ट मोड में रहते हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

बरामूला जिले और उत्तरी कश्मीर के अन्य हिस्सों में सुरक्षा बलों की गश्त और निगरानी नियमित रूप से की जाती है। यह मोर्टार गोला बरामदगी उसी सतर्कता और तत्परता का हिस्सा है, जिससे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है। अधिकारियों ने कहा कि मोर्टार गोले की बरामदगी से यह स्पष्ट होता है कि क्षेत्र में अभी भी ऐसे हथियार और विस्फोटक मौजूद हो सकते हैं, और सुरक्षा बल इस तरह की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखे हुए हैं।

इस कार्रवाई को स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों की साझा सफलता के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी तरह की विस्फोटक बरामदगी और निष्क्रियकरण की प्रक्रिया पूरी तरह से मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए की गई, जिससे नागरिकों और सेना दोनों की सुरक्षा बनी रही।