अमीना माजिद | नई दिल्ली
हर साल 16 जनवरी को दुनिया भर में इंटरनेशनल हॉट एंड स्पाइसी फूड डे मनाया जाता है। यह दिन उन सभी लोगों के लिए खास होता है, जिन्हें खाने में तीखापन, मसालों की खुशबू और स्वाद की आग पसंद होती है। मसालेदार भोजन केवल जीभ को चुनौती देने का नाम नहीं है, बल्कि यह इतिहास, संस्कृति और परंपराओं से गहराई से जुड़ा हुआ है। इस दिन का मकसद सिर्फ तीखा खाना खाना नहीं, बल्कि यह समझना भी है कि मसालों ने कैसे अलग-अलग सभ्यताओं और खानपान को आकार दिया है।
इंटरनेशनल हॉट एंड स्पाइसी फूड डे के मौके पर लोग नई-नई डिशेज़ ट्राई करते हैं, अपनी पसंदीदा स्पाइसी रेसिपीज़ बनाते हैं और दोस्तों-परिवार के साथ मसालेदार खाने का जश्न मनाते हैं। हालांकि, तीखे स्वाद के साथ थोड़ी सावधानी भी जरूरी होती है, इसलिए इस दिन दही, दूध और छाछ जैसे डेयरी उत्पाद पास रखने की सलाह दी जाती है, ताकि मसालों की तीव्रता को संतुलित किया जा सके।
दिल्ली के मसालेदार ठिकाने: शाहीन बाग और ओखला
अगर दिल्ली में मसालेदार खाने की बात हो और शाहीन बाग व ओखला का नाम न आए, तो बात अधूरी रह जाती है। ये इलाके सिर्फ अपने सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए नहीं, बल्कि अपने लाजवाब और तीखे खाने के लिए भी मशहूर हैं। यहाँ की गलियों में घूमते ही मसालों की खुशबू आपको अपनी ओर खींच लेती है। हर मोड़ पर कोई न कोई ऐसा स्वाद छुपा है, जो आपकी यादों में हमेशा के लिए बस जाता है।इंटरनेशनल हॉट एंड स्पाइसी फूड डे के खास मौके पर आइए जानते हैं शाहीन बाग और ओखला के कुछ ऐसे ही मशहूर मसालेदार व्यंजनों के बारे में, जो यहाँ की पहचान बन चुके हैं।
शाहीन बाग का अफ़गानी शावरमा और मसालेदार समोसा
शाहीन बाग में अफ़गानी स्वाद का नाम आते ही एक शख्स का ज़िक्र ज़रूर होता है—सुहैब, जो अफ़गानिस्तान से ताल्लुक रखते हैं और पिछले कई वर्षों से यहाँ अफ़गानी स्टाइल का शावरमा और समोसा बना रहे हैं। सुहैब कहते हैं,“हमारे शावरमा और समोसे का बेसिक स्वाद बिल्कुल अफ़गानिस्तान जैसा ही है। लेकिन यहाँ के लोगों को सादा स्वाद पसंद नहीं आता, इसलिए हमने इसमें भारतीय मसालों का खास तड़का लगाया है।”
उनके शावरमा में मांस की नरमी, ताजे मसालों की खुशबू और तीखापन एक बेहतरीन संतुलन बनाते हैं। वहीं, शाहीन बाग का मसालेदार और कुरकुरा समोसा यहाँ के लोगों के दिलों पर राज करता है। पाँच साल से ज़्यादा समय से उनकी दुकान लोगों की पसंदीदा बनी हुई है और दूर-दराज़ से लोग सिर्फ अफ़गानी समोसा खाने यहाँ आते हैं।
HOD बर्गर: मसालेदार बर्गर का नया अंदाज़
शाहीन बाग में मसालेदार खाने की दुनिया सिर्फ देसी व्यंजनों तक सीमित नहीं है। यहाँ HOD बर्गर नाम का रेस्टोरेंट अपने स्पाइसी बर्गर्स के लिए काफी मशहूर है। रेस्टोरेंट के मालिक मोहम्मद आरिफ अहमद बताते हैं,“हमारे बर्गर आम तौर पर बैलेंस्ड मसालों के साथ बनाए जाते हैं, लेकिन अगर ग्राहक ज्यादा तीखा चाहता है, तो हम उसे बिल्कुल उसकी पसंद के मुताबिक तैयार करते हैं।”
यहाँ के क्रिस्पी चिकन बर्गर, चिकन स्मैश और बफर बर्गर खास तौर पर युवाओं में बेहद लोकप्रिय हैं। कई लोग तो इसके स्वाद की तुलना अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स से करते हैं। इसके अलावा, यहाँ बिरयानी, बटर चिकन और बटर नान जैसी मसालेदार डिशेज़ भी ग्राहकों को खूब पसंद आती हैं।
शाहीन बाग का मशहूर हैदराबादी हलीम
मसालेदार खाने की बात हो और हैदराबादी हलीम का ज़िक्र न हो, यह कैसे संभव है? शाहीन बाग में रमज़ान पटना हलीम वाला अपने खास हलीम के लिए जाना जाता है।यह हलीम मटन और गेहूं (बड़े) के बेहतरीन मिश्रण से तैयार किया जाता है। रेस्टोरेंट के मालिक बताते हैं,“हम पहले मीट को अच्छे से पीसते हैं, फिर उसमें मिर्च और खास मसाले मिलाकर उसे कुछ समय के लिए छोड़ देते हैं। उसके बाद धीमी आंच पर पकाया जाता है, जिससे उसका स्वाद और भी गहरा हो जाता है।”
शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक खुलने वाला यह हलीम सेंटर मसालेदार खाने के शौकीनों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तीखे स्वाद
शाहीन बाग में सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मसालेदार स्वाद भी देखने को मिलते हैं। समीर सिद्दीकी, जो सहारनपुर से हैं, कहते हैं,“हमारे यहाँ मसालेदार खाना हमारी परंपरा है। बिना तीखेपन के खाना अधूरा लगता है।”
उनके बनाए व्यंजन अपने तीखे स्वाद और देसी मसालों के लिए जाने जाते हैं और शाहीन बाग में उनकी अलग पहचान बन चुकी है।
अरहम 91B: तंदूरी और बर्रा का ठिकाना
शाहीन बाग का अरहम 91B रेस्टोरेंट भी मसालेदार खाने के शौकीनों के लिए खास जगह रखता है। यहाँ तंदूरी चिकन, बर्रा, अल-फहम और कढ़ाई चिकन जैसी डिशेज़ मिलती हैं। रेस्टोरेंट के मालिक बताते हैं,“हमने यहाँ के लोगों की पसंद को ध्यान में रखते हुए मेन्यू तैयार किया है। भारतीय स्वाद और मसालों का खास ख्याल रखा जाता है।”
यहाँ की खास डिश सोल मछली है, जो सर्दियों में मिलती है और जिसकी कीमत लगभग 1000 रुपये प्रति किलो है। यह डिश अपने खास स्वाद और मसालेदार अंदाज़ के लिए जानी जाती है।
मसालेदार स्वाद के साथ संस्कृति की झलक
इंटरनेशनल हॉट एंड स्पाइसी फूड डे के मौके पर शाहीन बाग और ओखला का खाना सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और विविधता की भी झलक देता है। यहाँ के शावरमा, समोसे, बर्गर, हलीम और तंदूरी डिशेज़ यह साबित करते हैं कि मसाले सिर्फ खाने को तीखा नहीं बनाते, बल्कि लोगों को जोड़ने का भी काम करते हैं।अगर आप सच में तीखे और मसालेदार खाने के शौकीन हैं, तो शाहीन बाग और ओखला की यह स्वादभरी गलियाँ आपके लिए एक यादगार अनुभव साबित होंगी—खासकर इंटरनेशनल हॉट एंड स्पाइसी फूड डे के मौके पर।