पिछले 11 वर्षों में उत्तर प्रदेश में खेल संस्कृति में बड़ी प्रगति: योगी आदित्यनाथ

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 16-01-2026
Significant progress in sports culture in Uttar Pradesh over the past 11 years, Yogi Adityanath
Significant progress in sports culture in Uttar Pradesh over the past 11 years, Yogi Adityanath

 

गोरखपुर (उप्र)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि 2014 से पहले खेल और खेलकूद प्रतियोगिताएं सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल नहीं थीं। उन्होंने शुक्रवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में पूर्वी क्षेत्र अंतर-विश्वविद्यालय (महिला) बास्केटबॉल प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर यह बात कही।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं नहीं मिल पाती थीं, जिसके कारण कई खिलाड़ी अन्य राज्यों या देशों की ओर पलायन कर जाते थे और उनकी प्रतिभा निराशा में खो जाती थी। 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलों के प्रति दृष्टिकोण बदला और देश में एक नई खेल संस्कृति का निर्माण हुआ। उन्होंने कहा कि ‘खेलो इंडिया खेलो’ कार्यक्रम ने युवाओं को खेलों के माध्यम से जोड़ा और उन्हें सशक्त राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा दी।

इस प्रतियोगिता में 14 राज्यों के 31 विश्वविद्यालयों की महिला टीमों ने हिस्सा लिया है। मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों, कोचों और आयोजकों का स्वागत किया और भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय को धन्यवाद दिया, जिसने गोरखपुर विश्वविद्यालय को इस प्रतियोगिता के आयोजन के लिए चुना।

योगी आदित्यनाथ ने सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से अपील की कि वे किसी एक खेल को गोद लेकर उससे संबंधित प्रतिभाओं का विकास करें। उन्होंने कहा कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, अनुशासन और खेल भावना को बढ़ावा देने में इस तरह की पहल महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि खेल गतिविधियों के विस्तार से युवा नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रहेंगे। उनका कहना था, “यदि युवा खेलेगा तो वह खिलेगा। यही युवा 2047 तक विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने में योगदान देंगे।”

सरकार ने अब तक 96,000 से अधिक युवक-मंगल दल और महिला मंगल दल को ‘स्पोर्ट्स किट’ वितरित किए हैं ताकि खेलों को दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा सके।योगी ने 2030 में गुजरात में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों और 2036 के ओलंपिक गेम्स की तैयारियों का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि भारत को इन बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में अधिक पदक जीतने के लिए अभी से तैयारी करनी होगी और हर राज्य और खिलाड़ी को इसके अनुरूप खुद को तैयार करना होगा।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पिछले 11 वर्षों में खेलों को लेकर जो दिशा और संस्कृति विकसित हुई है, वह न केवल प्रतिभाओं के लिए अवसर पैदा करती है, बल्कि युवाओं को स्वस्थ, अनुशासित और सशक्त बनाने में भी अहम भूमिका निभाती है।