सूखा प्रबंधन में लापरवाही पर अधिकारियों को सख्त चेतावनी

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 07-07-2026
Karnataka CM Shivakumar warns of strict action against officials negligent in drought management
Karnataka CM Shivakumar warns of strict action against officials negligent in drought management

 

कलबुर्गी (कर्नाटक)
 
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने राज्य में सूखे की स्थिति के प्रबंधन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जनता के हितों से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
 
उत्तर कर्नाटक की पहली संभाग स्तरीय प्रगति समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का मुख्य उद्देश्य स्वच्छ शासन, विकास और अंतिम व्यक्ति तक नागरिक अधिकारों को सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों से सक्रिय, जनहितैषी और जिम्मेदारीपूर्ण तरीके से काम करने का आह्वान किया।
 
शिवकुमार ने कहा, "मैं तालुक पंचायत अध्यक्ष से लेकर मुख्यमंत्री तक विभिन्न स्तरों पर काम कर चुका हूं। इसलिए प्रशासन के हर स्तर की कार्यप्रणाली से भलीभांति परिचित हूं। विकास कार्यों में किसी भी तरह के बहाने स्वीकार नहीं किए जाएंगे। मेरे लिए परिणाम सबसे अधिक महत्वपूर्ण हैं।"
 
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, "यदि आप जनता के लिए काम नहीं करेंगे, तो मुझे आपके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।"
 
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी पात्र मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को प्रत्येक घर में कम-से-कम तीन बार जाकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा। राज्यभर में चल रहा यह अभियान 29 जुलाई तक जारी रहेगा।
 
इस बीच, सोमवार को जनता दल (सेक्युलर) और भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अंबुकुमार से मुलाकात कर मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कई बूथ लेवल अधिकारी निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं।
 
जल प्रबंधन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के कई हिस्सों में कम वर्षा की चिंता के बावजूद कर्नाटक में स्थिति संतोषजनक है। उन्होंने बताया कि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्रियों तथा केंद्रीय मंत्रियों के साथ अंतरराज्यीय जल विवादों के स्थायी समाधान पर ऐतिहासिक चर्चा हुई है।
 
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने लगभग एक लाख करोड़ रुपये की लागत वाली कृष्णा-कावेरी-गोदावरी नदी जोड़ो परियोजना को आगे बढ़ाने के प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाया है। उनका कहना था कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर राज्यों के लोगों के हितों को प्राथमिकता देते हुए मिलकर काम करने का निर्णय लिया गया है।
 
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के कार्यकाल में शुरू की गई सभी विकास परियोजनाएं पहले की तरह जारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि विकास की गति बढ़ाने के साथ-साथ प्रशासन में पारदर्शिता, दक्षता और जनकेंद्रित दृष्टिकोण को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
 
उन्होंने कहा कि वे बसव परंपरा के समानता के सिद्धांत में विश्वास रखते हैं और इसी सोच के तहत उत्तर कर्नाटक के अपने दौरे की शुरुआत बसवकल्याण से की है। उनके अनुसार, समानता, सामाजिक न्याय और विकास को साथ-साथ आगे बढ़ना चाहिए।
 
कलबुर्गी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने श्री शरणबसवेश्वर मंदिर में दर्शन किए और पूर्व पीठाधीश्वर डॉ. शरणबसप्पा अप्पा की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने वर्तमान पीठाधीश्वर चिरंजीवी दोड्डप्पा अप्पा से भी मुलाकात की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री डॉ. जी. परमेश्वर सहित कई मंत्री उपस्थित रहे।
 
दौरे के अंत में शिवकुमार ने बीदर और कलबुर्गी के लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता ने उन पर जो विश्वास जताया है, उससे उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करना सरकार और सभी जनप्रतिनिधियों का कर्तव्य है।