JPSC Paper Leak Controversy: All Three Members Resign
रांची।
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में कथित भर्ती अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर जारी विवाद के बीच आयोग के तीनों सदस्यों ने रविवार को इस्तीफा दे दिया। राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्रों के लगातार जारी विरोध प्रदर्शन के बीच इन इस्तीफों को महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
राजभवन की ओर से जारी बयान के अनुसार, राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने JPSC के तीन सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, अनीमा हांसदा और जमाल अहमद के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं। तीनों सदस्य सितंबर 2021 में आयोग में नियुक्त हुए थे।
CID ने पूछताछ के लिए बुलाया था
तीनों सदस्यों के इस्तीफे ऐसे समय हुए हैं, जब झारखंड पुलिस की अपराध जांच शाखा (CID) ने उन्हें कथित परीक्षा अनियमितताओं के मामले में पूछताछ के लिए तलब किया था। इन आरोपों में पेपर लीक का मामला भी शामिल है।
अधिकारियों के अनुसार, अजीता भट्टाचार्य से 10 अगस्त, जमाल अहमद से 12 अगस्त और अनीमा हांसदा से 14 अगस्त को पूछताछ होनी थी।
अजीता भट्टाचार्य झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) नेता सुप्रियो भट्टाचार्य की पत्नी हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इन तीनों सदस्यों के खिलाफ आरोपों पर जांच के अंतिम निष्कर्ष का उल्लेख नहीं है।
JPSC अध्यक्ष भी दे चुके हैं इस्तीफा
इससे पहले 22 जुलाई को JPSC के अध्यक्ष एल खियांग्ते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद आयोग के तीनों सदस्यों के इस्तीफे से JPSC में शीर्ष स्तर पर बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। वहीं, JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते से 28 जुलाई के बाद चार बार पूछताछ की जा चुकी है।
छात्रों का आंदोलन जारी
JPSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर झारखंड में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों और विभिन्न संगठनों के साथ बातचीत कर गतिरोध खत्म करने की कोशिश की, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने अपनी सभी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। इसी क्रम में छात्रों ने राज्य विधानसभा की ओर मार्च करने की घोषणा भी की थी।
सरकार की ओर से मंत्रियों समेत पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलनकारी समूहों के साथ बातचीत की। पहले इस प्रतिनिधिमंडल ने JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व वाले प्रदर्शनकारी गुट से बातचीत की। इसके बाद कांग्रेस समर्थित NSUI, ACS और JCM के प्रतिनिधिमंडलों से भी अलग-अलग चर्चा की गई।
देवेंद्र नाथ महतो इस मुद्दे को लेकर अनशन पर भी बैठे हैं और उनका अनशन सातवें दिन में प्रवेश कर चुका था।
हेमंत सोरेन ने दिया न्याय का भरोसा
इस बीच झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रदर्शनकारी छात्रों को न्याय का भरोसा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ निहित स्वार्थ वाले लोग राज्य में लोकतांत्रिक माहौल को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं।
झारखंड आदिवासी महोत्सव को संबोधित करते हुए सोरेन ने कहा कि छात्रों के आंदोलन का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखने वाले लोगों को युवाओं को गुमराह करने से बचने की चेतावनी भी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समस्याओं का समाधान संवाद से होना चाहिए, लाठी-डंडे और बंदूक से नहीं। उन्होंने परीक्षा को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों को भरोसा दिलाया कि पूरी पारदर्शिता के साथ न्याय किया जाएगा।
JPSC विवाद के बीच आयोग के अध्यक्ष और तीनों सदस्यों के इस्तीफे, कथित अनियमितताओं की जांच और छात्रों के लगातार आंदोलन ने झारखंड की भर्ती व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब छात्रों की नजर सरकार की अगली कार्रवाई और जांच के परिणाम पर है।