Vijayan demands withdrawal of order to sing full 'Vande Mataram' at Independence Day celebrations
अर्सला खान/नई दिल्ली
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने शनिवार को मुख्य सचिव के उस आदेश को वापस लेने की मांग की, जिसमें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एजेंडे के सामने झुक रही है।
विजयन ने संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण देश के धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने दावा किया कि संविधान सभा ने तय किया था कि इस गीत के केवल शुरुआती छंद ही गाए जाने चाहिए।
विजयन ने कहा, “हमारे देश ने ‘वंदे मातरम’ के बारे में आम तौर पर एक बात स्वीकार की है। वह यह कि ‘वंदे मातरम’ पूरी तरह से धर्मनिरपेक्षता के अनुरूप नहीं है। जब हमने एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र बनने का फैसला किया, तो संविधान सभा ने खुद तय किया कि जो गीत धर्मनिरपेक्षता के अनुरूप नहीं है, उसे उस तरह से नहीं गाया जाना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ के शुरुआती अंतरा गाने में कोई बुराई नहीं है।
विजयन ने कहा, “संविधान सभा ने तय किया था कि सिर्फ शुरुआती कुछ पंक्तियां ही गाई जानी चाहिए। पंडित जवाहरलाल नेहरू समेत विभिन्न नेताओं की यही नीति थी। कांग्रेस की नीति भी यही थी।”