आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
प्रिंट और प्रसारण पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने वाले जाने-माने पत्रकार एम भरत कुमार का सोमवार को चेन्नई में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 48 वर्ष के थे।
भरत के परिवार में पत्नी और एक पुत्र हैं।
दो दशक से अधिक समय पहले उन्होंने चेन्नई में अंग्रेजी सांध्य दैनिक 'न्यूज़ टुडे' से जुड़े थे।
इस समाचार पत्र से अपने करियर की शुरुआत करने वाले भरत ने मनोरंजन और खेल क्षेत्र से जुड़ी खबरों पर अधिक ध्यान दिया था। इसके बाद, उन्होंने राजनीतिक खबरें भी संकलित करना शुरू किया।
कुछ वर्ष पहले उन्होंने प्रसारण और डिजिटल पत्रकारिता का रुख किया।
उन्होंने विभिन्न मीडिया संस्थानों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के रूप में काम करने के साथ-साथ तमिल समाचार चैनल 'मलाई मुरुसु सेइथिगल' में समाचार प्रस्तोता के रूप में काम किया।
सिनेमा, राजनीति और खेल की गहरी समझ रखने वाले भरत अपनी शालीनता और प्रभावशाली प्रस्तुति शैली के लिए भी जाने जाते थे।
नाम तमिलर काची (एनटीके) के प्रमुख सीमान और भाजपा की तमिलनाडु इकाई के पूर्व अध्यक्ष के अन्नामलाई ने भरत के निधन पर शोक व्यक्त किया और उनके परिवार तथा मित्रों के प्रति संवेदना जताई।
सीमान ने अपने शोक संदेश में राजनीति, सिनेमा और खेल जैसे विविध क्षेत्रों पर चर्चा करने की भरत की बौद्धिक क्षमता की सराहना की। एनटीके प्रमुख ने उनकी निष्पक्ष समाचार प्रस्तुति की भी प्रशंसा की।
‘वी द लीडर्स’ आंदोलन के नेता अन्नामलाई ने पत्रकारिता के क्षेत्र में भरत के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए उनके असामयिक निधन को अपूरणीय क्षति बताया है।