आवाज द वॉयस/ नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के प्रमुख सर्राफा बाजार सीपरी बाजार में आभूषण व्यापारियों ने सुरक्षा को लेकर एक अहम और सख्त निर्णय लिया है। सोने और चांदी की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच चोरी, लूट और ठगी की बढ़ती घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से अब किसी भी नकाबपोश ग्राहक को आभूषण नहीं बेचे जाएंगे। व्यापारियों ने साफ कर दिया है कि चाहे ग्राहक बुर्का पहने हो या घूंघट, खरीदारी के लिए उसे अपना चेहरा दिखाना अनिवार्य होगा।
यह निर्णय झांसी सर्राफा व्यापार मंडल द्वारा सामूहिक रूप से लिया गया है और इसे स्थानीय पुलिस प्रशासन की सहमति भी प्राप्त है। इस फैसले को प्रभावी बनाने के लिए सर्राफा दुकानों के अंदर और बाहर सूचना पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें ग्राहकों से दुकान में प्रवेश करते समय चेहरा खोलने का अनुरोध किया गया है।
व्यापार मंडल के अध्यक्ष उदय सोनी ने बताया कि हाल के महीनों में सोने-चांदी की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते सर्राफा दुकानों को अपराधियों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नकाब या चेहरा ढककर आने वाले लोग वारदात को अंजाम देने के बाद आसानी से फरार हो जाते हैं और सीसीटीवी कैमरों में भी उनकी पहचान नहीं हो पाती।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस स्थिति को देखते हुए व्यापारियों ने यह तय किया है कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि किसी ग्राहक से सम्मानपूर्वक आग्रह करने के बाद भी वह चेहरा खोलने से इनकार करता है, तो उसे न तो आभूषण दिखाए जाएंगे और न ही किसी प्रकार का लेनदेन किया जाएगा।
सर्राफा व्यापार मंडल के अनुसार, इस नियम को लागू करने से पहले पुलिस अधिकारियों से चर्चा की गई थी। पुलिस ने भी व्यापारियों की सुरक्षा चिंताओं को जायज़ मानते हुए इस फैसले पर सहमति जताई है। पुलिस का मानना है कि चेहरा खुला होने से संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी आसान होगी और किसी भी आपराधिक घटना की स्थिति में आरोपियों की पहचान जल्दी हो सकेगी।
महिला ज्वेलर ममता ने बताया कि नकाब की आड़ में होने वाली घटनाओं के कारण व्यापारियों में भय का माहौल था। कई मामलों में अपराधी नकाब पहनकर आते हैं, रेकी करते हैं और फिर वारदात को अंजाम देकर आसानी से निकल जाते हैं। सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद चेहरे ढके होने के कारण पहचान मुश्किल हो जाती है।
उन्होंने कहा कि ग्राहकों को असुविधा से बचाने के लिए दुकानों पर पहले से सूचना दी जा रही है और उनसे विनम्रता से सहयोग करने की अपील की जा रही है।
सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी समुदाय या वर्ग विशेष को निशाना बनाना नहीं है, बल्कि सभी के लिए समान सुरक्षा नियम लागू करना है। व्यापारियों का स्पष्ट संदेश है कि व्यापार से पहले सुरक्षा जरूरी है और बाजार में सुरक्षित माहौल बनाए रखने के लिए सभी ग्राहकों का सहयोग आवश्यक है।
व्यापार मंडल को उम्मीद है कि इस फैसले से सर्राफा बाजार में चोरी और आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगेगा और व्यापारियों के साथ-साथ ग्राहकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।